कर्णप्रयाग में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए तहसीलदार को ज्ञापन देते स्थानीय लोग।
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बंदरों और लंगूरों के उत्पात से परेशान कर्णप्रयाग के लोगों ने अपर बाजार से तहसील परिसर तक प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रशासन, नगर पालिका और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर एक हफ्ते में नगर में घूम रहे सभी बंदरों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने की मांग उठाई। कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो दो अक्तूबर से गांवों की जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सोमवार को शक्तिनगर, पुजारीगांव, राजनगर, बस स्टेशन, बहुगुणानगर, आईटीआई, अपर बाजार, तहसील व हॉस्पिटल कालोनी के करीब 400 लोग रामलीला में मैदान में एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे। गुस्साए लोगों ने यहां जनसभा की और बंदरों व लंगूरों से निजात दिलाने की मांग उठाई। महासभा के आयोजक राजेंद्र नेगी और बार संघ अध्यक्ष रविंद्र पुजारी ने कहा कि बंदरों के डर से लोगों का बुरा हाल है। बच्चे बंदरों के उत्पात के कारण स्कूल जाने से डर रहे हैं। उन्होंने गांवों में खेती नष्ट कर दी है। नगर पालिका और वन विभाग ने मौन धारण कर लिया है। कहा यदि बंदरों से निजात नहीं दिलाई गई तो दो अक्तूबर से नगर सहित पूरे कर्णप्रयाग ब्लॉक की 94 से अधिक ग्राम सभाओं को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष गैरोला, अरविंद चौहान, दिक्केश्वरी नौटियाल, रश्मि देवी, खेमराज भंडारी और संजय आदि मौजूद थे।
तहसीलदार ने अधिकारियों को दिया दो दिन का समय
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने पालिका के अधिशासी अधिकारी और वन विभाग के रेंजर को तलब कर उन्हें दो दिन में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने कहा कि अगर इन दोनों विभागों ने निर्देश नहीं माना तो डीएम को बताया जाएगा। संवाद