वीर गंगा पर लकड़ी के अस्थाई पुल से आवाजाही करते ग्रामीण।
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निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी और झींझी गांव के ग्रामीणों की आवाजाही के लिए स्थायी पुल की दरकार है। ग्रामीणों का कहना है कि वीर गंगा का जलस्तर बढ़ने से लकड़ी का पुल बह जाता है, जिससे कई दिनों तक ग्रामीण गांवों में ही कैद होकर रह जाते हैं। इसी वर्ष लकड़ी का पुल दो बार बह गया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने अस्थायी पुलिया का निर्माण किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से वीर गंगा पर स्थायी पैदल पुल निर्माण की मांग उठाई।
ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि निजमुला-पगना-पाणा-ईराणी सड़क निर्माणाधीन है, जिससे अभी तक ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। वीर गंगा पर आवाजाही के लिए अस्थायी पुलिया है जो कभी भी बह सकती है। उन्होंने कहा कि यहां स्थायी पुल का निर्माण हो जाए तो ग्रामीणों को राहत मिल जाएगी।