गोपेश्वर/चमोली। खैनुरी गांव में चल रही देवी भागवत कथा के अंतिम दिन जल कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जयकारों के साथ गांव से देवडोलियां अलकनंदा तट पर पहुंचीं जहां देवडोलियों और भक्तों ने स्नान किया।
इस दौरान कथावाचक आचार्य मंगेश कुकरेती ने कहा कि हमारी वैभवशाली संस्कृति पूरे विश्व का कल्याण कर सकती है। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को हमेशा जीवित रखना है। इस अवसर पर दलीप नेगी, अर्जुन, त्रिलोक सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान रेखा देवी, खीम सिंह, वीरेंद्र बिष्ट, प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे। इधर, शारदीय नवरात्र के मौके पर नंदप्रयाग के चंडिका मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान हो रहा है। मंदिर में हक-हकूकधारी गांवों के ग्रामीण भजन-कीर्तन कर रहे हैं। पुजारी आचार्य पंडित लक्ष्मी प्रसाद सती नित्य पूजा कर रहे हैं। संवाद