विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों को अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों को मीडिया के माध्यम से तीन बार सार्वजनिक करना होगा। इसके अलावा संबंधित दल के वेब पेज के होम पेज पर भी उम्मीदवार के आपराधिक इतिहास को दिखाना होगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत वर्मा ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर विधानसभा सामान्य निर्वाचन को लेकर दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत उम्मीदवार को अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों को प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कम से कम तीन बार सार्वजनिक करना होगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी को रोकने और मीडिया में पेड व फर्जी खबरों को रोकने के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। बैठक में कांग्रेस मीडिया प्रभारी रविंद्र नेगी, आप के संगठन मंत्री कुलदीप सिंह, आप के सोशल मीडिया प्रभारी अनुराग पोखरियाल, सीपीएम जिला मंत्री गीता बिष्ट, अनुसूचित जाति मोर्चा जिला मंत्री सौरभ बागड़ी, सीओ ऑपरेशन नताशा सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी बीएस रावत सहित अन्य उपस्थित रहे।