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हाट गांव पहुंचे सीएम के सलाहकार

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पीपलकोटी के हाट गांव में प्रभावितों की समस्याएं सुनते मुख्यमंत्री के सलाहकार दलवीर दानू। - फोटो : GOPESHWAR
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मुख्यमंत्री के सलाहकार दलवीर दानू ने शनिवार को हाट गांव पहुंचकर परियोजना प्रभावितों की समस्याएं सुनी। प्रभावितों ने आरोप लगाया कि टीएचडीसी कंपनी प्रबंधन ने केंद्र और राज्य सरकार को झूठी रिपोर्टें भेजी हैं। प्रभावितों की मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय गांव को ही उजाड़ दिया गया है। आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना लोगों का सामान जबरन बाहर फेंककर मकानों को तोड़ा गया।
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टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत हाट गांव में जेसीबी से कई घरों को तोड़ दिया गया था। कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण आंदोलित हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सलाहकार दलवीर दानू और भाजपा जिला उपाध्यक्ष तारा दत्त थपलियाल हाट गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। दलवीर दानू ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सरकार ठोस कार्रवाई करेगी। इस दौरान ग्राम प्रधान हाट राजेंद्र प्रसाद हटवाल, जेष्ठ उपप्रमुख पंकज हटवाल, नरेंद्र पोखरियाल, मुकेश गैरोला, गुप्ता प्रसाद, भगवती हटवाल, युवक मंगलदल अध्यक्ष अमित, चंद्रकला, दिनेश, इंद्र प्रकाश पंत आदि उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
शनिवार को ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल और ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल के नेतृत्व में टीएचडीसी के मुख्य गेट पर कंपनी प्रबंधन और चमोली जिला प्रशासन का पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी ने प्रशासन के साथ मिलकर उनके साथ अत्याचार किया है। वहीं, बंड विकास संगठन के युवाओं ने प्रभावितों का समर्थन कर आंदोलन को तेज करने का एलान किया है।
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‘अधिग्रहित भूमि कानूनन हमारी थी, हमने ले ली’
टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक आरएन सिंह ने कहा कि हाट गांव की भूमि को परियोजना के लिए अधिग्रहित किया गया है, कानूनन यह भूमि हमारी थी। कई बार ग्रामीणों को नोटिस के माध्यम से गांव खाली करने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के साथ कई दौर की बैठकें की। मकानों को खाली न करने पर मजबूरन यह कार्रवाई अमल में लानी पड़ी।
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