80 से अधिक गांवों को इलाज के लिए जाना पड़ता है 45 किमी दूर
स्वास्थ्य केंद्र में नहीं एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ ही संसाधनों का भी अभाव है। यहां न तो एक्सरे की सुविधा है न ही अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था। ऐसे में ब्लॉक के 80 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को इलाज के लिए 45 किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। यह सीएचसी प्राथमिक उपचार तक ही सिमट कर रह गया है और रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
नंदानगर स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी, आंख, ईएनटी, फिजिशियन के पद रिक्त चल रहे हैं। क्षेत्र में कोई भी दुर्घटना होने पर घायल को यहां लाने पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। रामणी गांव के ग्राम प्रधान सूरज पंवार, जोत सिंह, सुखवीर रौतेला आदि ने कहा कि ब्लॉक के सबसे बड़े अस्पताल में संसाधनों की कमी बनी है जिससे लोगों को समुचित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है। इधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजीव शर्मा का कहना है कि नंदानगर के साथ ही जिले के अन्य दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों की समुचित तैनाती की गई है। अस्पतालों को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है।