शनिवार रात से शुरू हुई तेज बारिश रविवार सुबह तक होती रही, जिससे मलबा और बोल्डर आने से चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे तीन जगहों गुलाबकोटी, पागल नाला और हनुमान चट्टी में बंद रहा जबकि कई मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए।
कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को शनिवार को बारिश से राहत मिली, लेकिन इससे कई जगह की सड़कें बाधित हो गईं। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे गुलाबकोटी, पागल नाला और हनुमान चट्टी के पास मलबा आने से बाधित हो गया। गुलाबकोटी और हनुमानचट्टी में हाईवे सुबह छह से आठ बजे तक बाधित रहा। जबकि पागलनाले में हाईवे सुबह नौ बजे खोला गया। इसके अलावा जिले के अंतर्गत करीब 29 सड़कें बाधित हुई हैं।
पोखरी ब्लॉक के अंतर्गत कई मार्ग बंद हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। बारिश से पीएमजीएसवाई की पोखरी-हापला-गोपेश्वर मार्ग सलना रैसू और अंधेरगड़ी में मलबा आने से बंद हो गया। कहीं पर मलबा आने से तो कहीं पर सड़क का पुश्ता धंसने से जौरासी-तोणजी, पोखरी-पैणी गुजासू और लोक निर्माण विभाग के हापला गुडम-नैल नौली, जिलासू-आली, सेमी-मासूम और थौली-थाल मार्ग बंद हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजकुमार और पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सत्यपाल सिंह ने बताया कि मोटर मार्ग खोलने के लिए कहा गया है। जेसीबी से सड़कों का मलबा हटाया जा रहा है। शाम तक अधिक से अधिक मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
एनएच के क्रशर प्लांट को नुकसान, एक जेसीबी दबी
मलबा आने से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शिवानंदी में आठ घंटे रहा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। रविवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शिवानंदी में आठ घंटे बंद रहा। पहाड़ी से आए भारी मलबे से एनएच के क्रशर प्लांट को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही एक जेसीबी दब गई जबकि अन्य तीन मशीनों को काफी नुकसान हुआ है। एनएच, कार्यदायी संस्था ने मलबे की सफाई कर दोपहर 2 बजे हाईवे यातायात के लिए खोल दिया। यहां हालात अब भी नाजुक हैं।
रविवार तड़के सड़के साढ़े पांच बजे मूसलाधार बारिश के बीच शिवानंदी में पहाड़ी से पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया, जिससे एनएच के क्रशर प्लांट में खड़ी एक जेसीबी मलबे में दब गई जबकि समीप खड़ी तीन मशीनों को क्षति पहुंची। सूचना पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मलबे से क्रशर प्लांट को काफी नुकसान हुआ है। एनएच व कार्यदायी संस्था के मजदूरों ने मशीनों की मदद से आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर बाद 2 बजे हाईवे यातायात के लिए खोल दिया है।
पिंडर घाटी के 200 गांवों की बिजली भी रही गुल
भूस्खलन और चट्टान आने से हाईवे समेत कई मार्ग हुए बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। शनिवार रात को हुई भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन होने और चट्टानें टूटने से कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा हाईवे सहित ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए। तेज बारिश से पिंडर घाटी के 200 गांवों की बिजली भी गुल हो गई, जिससे लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। रविवार को दोपहर बाद बारिश थमी तो सड़कें खोलने का काम शुरू किया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
दो सप्ताह की तेज गर्मी के बाद शनिवार रात को बारिश हुई। बारिश से भारी मात्रा में मलबा बहकर सड़कों पर आ गया। साथ ही कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टान टूटने से कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा हाईवे नलगाव, आमसौड़, नारायणबगड़, हरमनी, सिमलसैंण और लोल्टी में बंद हो गया। रविवार को 11 बजे बीआरओ ने हाईवे यातायात के लिए खोल दिया। वहीं थराली-देवाल मोटर मार्ग सुनगाड़ पुल और सौगांव के पास चट्टान टूटने से अवरुद्ध हो गया, जिसे दोपहर को खोल दिया गया। वहीं थराली-डुंगरी-घाट, थराली-कुराड़ पार्था, नंदकेशरी-जोला, तलवाड़ी-विजयपुर सेरा, ग्वालदम-चिडंगा, जुनिधार-गोठिंडा मोटर मार्ग सहित 12 मार्ग अभी भी अवरुद्ध हैं और उनको खोलने का कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतवीर सिंह यादव ने कहा कि बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई हैं। जल्द सभी सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएंगी।