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Rainfall: बारिश के चलते बदरीनाथ हाईवे पर्थाडीप और कमेड़ा समेत कई जगहों पर बंद, सैकड़ों यात्री वाहन फंसे

Thu, 12 Sep 2024 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

बारिश के बीच सुबह करीब पांच बजे पर्थाडीप में हाईवे पर मलबा आने से वाहनोें की आवाजाही रुक गई। पहाड़ी से पत्थरों के गिरने से सुबह आठ बजे तक जेसीबी से मलबा हटाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया।
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बदरीनाथ हाईवे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बारिश के चलते बदरीनाथ हाईवे पर पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र में मलबा आने से करीब छह घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। इस दौरान बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे और यात्रा कर लौट रहे लगभग 750 श्रद्धालुओं के वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे के न खुलने पर पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनोें की आवाजाही नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क से करवाई गई, जिसके बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। बदरीनाथ हाईवे पर्थाडीप में बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। यहां करीब 250 मीटर हिस्से में पहाड़ी से भूस्खलन और भूधंसाव हो रहा है।

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बृहस्पतिवार को बारिश के बीच सुबह करीब पांच बजे पर्थाडीप में हाईवे पर मलबा आने से वाहनोें की आवाजाही रुक गई। पहाड़ी से पत्थरों के गिरने से सुबह आठ बजे तक जेसीबी से मलबा हटाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया। सुबह दस बजे बारिश धीमी होने पर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। जिसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इसके अलावा भूस्खलन क्षेत्र छिनका, गुलाबकोटी, पागलनाला और पाताल गंगा में भी मलबा आने से कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही रुकी रही।

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एक घंटे बाधित रहा मलारी हाईवे

ज्योतिर्मठ। चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाला ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे बृहस्पतिवार को लाता गांव के समीप करीब एक घंटे तक बाधित रहा। यहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर हाईवे पर आने से सुबह करीब आठ बजे हाईवे के दोनों ओर से सेना, आईटीबीपी और स्थानीय लोगों के वाहनों की आवाजाही रुक गई। हाईवे बंद होने की सूचना पर बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की जेसीबी मशीन से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। करीब एक घंटे बाद सुबह नौ बजे हाईवे को सुचारु कर लिया गया।

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सुनला और कमेड़ा में बंद रहा हाईवे, कई वाहन हैं फंसे

बारिश से सिमली-ग्वालदम-अल्मोड़ा हाईवे सुनला में और बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में बंद रहा। ऐसे में यहां 100 से अधिक वाहन फंसे रहे। सुनला में अल्मोड़ा हाईवे दोपहर तक नहीं खुल पाया जबकि कमेड़ा में हाईवे खुलने के बाद फिर बंद हो गया। देर शाम तक हाईवे खोला नहीं जा सका।

थराली के सिमली-ग्वालदम हाईवे सहित 8 ग्रामीण सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। बारिश से पहाड़ी से भूस्खलन होने से हाईवे सुनला में तड़के तीन बजे से बंद हो गया। यहां सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और इस कारण दोनों तरफ 100 से अधिक वाहन फंसे हैं। पैदल रास्ता न होने के कारण नहीं जा पा रहे हैं। भारी मात्रा में मिट्टी के साथ पानी आने से यहां पर दलदल बनी है जिससे जेसीबी को भी काम करने में दिक्कतें आ रही हैं। बीआरओ के अवर अभियंता आनंद जंबूलकर ने बताया कि बारिश बंद होगी तो सड़क खोल दी जाएगी। वहीं गौचर में कमेड़ा में मलबा आने से सुबह सात बजे बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया।

सुबह आठ बजे एनएचआईडीसीएल ने मशीनों की मदद से आवाजाही सुचारु की। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे कमेड़ा भूस्खलन जोन पर मलबा आ गया। ढाई बजे यातायात सुचारु किया गया लेकिन शाम को फिर बंद हो गया। दूसरी ओर देवाल की देवाल- खेता सड़क तीसरे दिन भी नहीं खुल पाई। सड़क बंद हाेने से इस क्षेत्र के 12 गांवों का संपर्क कटा है। मार्ग पर 30 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं। जबकि लोहाजंग- कुलिंग-वाण सड़क 23 अगस्त से बंद है। कर्णप्रयाग में सुभाषनगर के पास नैनीताल हाईवे पर लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे।
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