चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण और विकास केंद्र की ओर से वनों को आग से बचाने के लिए कंडारा गांव से सुनाली गांव तक जागरूकता यात्रा निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों ने वनों को आगे से बचाने का संकल्प लिया।
सीपी भट्ट पर्यावरण और विकास केंद्र की ओर से नवंबर महीने से गांवों में पदयात्रा निकाली गई थी। अभियान के दूसरे चरण में शुक्रवार को कंडारा गांव से सुनाली गांव तक जागरूकता यात्रा निकाली गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। यात्रा के बाद सुनाली गांव में गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह ने ग्रामीणों को वनाग्नि रोकने का संकल्प दिलाया। केंद्र के ट्रस्टी मंगला कोठियाल और पर्यावरण कार्यकर्ता विनय सेमवाल ने वनाग्नि रोकथाम और वनाग्नि के नुकसान के बारे में बताया। महिला मंगल दल अध्यक्ष भुवना देवी ने कहा कि जंगल हमारे जीवन के आधार हैं। नंदप्रयाग के वनाधिकारी चंद्र शेखर ने वनाग्नि के कारण और रोकथाम के बारे में बताया। रात दस बजे तक अलग-अलग गांवों में गोष्ठियों का दौर चलता रहा। शनिवार को दूसरे दिन सीरी, डुंगरी, रेंगाव और असेड़ आदि गांवों में गोष्ठियां की गईं। इस दौरान सिलंगी गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह रावत, सुनाली गांव की अनीसा देवी, ओम प्रकाश भट्ट, शिक्षक महेंद्र नेगी, सोनला के सरपंच बचन सिंह और देवी प्रसाद भट्ट आदि उपस्थित रहे।