चमोली में उत्साही युवाओं ने बिना सड़क के गांव में पहुंचाई मोटरसाइकिल।
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चमोली जिले के दूरस्थ गांव ईराणी के युवाओं ने विरोध का नायाब तरीका निकालते हुए कंधे पर बाइक को गांव तक पहुंचा दिया। ग्रामीण युवाओं का कहना है कि वर्षों से सड़क का इंतजार करते-करते थक चुके हैं, लेकिन अभी तक गांवों में सड़क नहीं पहुंची है।
चमोली जिले के निजमुला घाटी स्थित दूरस्थ गांव पाणा और ईराणी के लोग आज भी सड़क का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण रोजमर्रा के कामों के लिए करीब सात किमी की पैदल दूरी नापने के लिए मजबूर हैं, लेकिन आज तक कोई भी सरकार यहां सड़क नहीं पहुंचा पाई है। यहां के लिए 2009 में साढ़े 31 किमी सड़क मंजूर हुई। कुछ जगह पर सड़क की कटिंग भी हुई, लेकिन आज भी पाणा और ईराणी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। हर स्तर पर मांग को उठा चुके ग्रामीणों ने विरोध का नायाब तरीका खोज निकाला। ईराणी गांव के छह युवाओं ने बृहस्पतिवार को पगना गांव से ईराणी तक पांच किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़ते हुए बाइक को कंधे पर ले जाकर उसे गांव तक पहुंचा दिया। युवाओं का कहना है कि सड़क नहीं बनी तो क्या हुआ हम बाइक को कंधे पर रखकर गांव तक ले जा सकते हैं। वहीं ईराणी के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि गांव के लोग सड़क के लिए हर तरह की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन आज भी उनका गांव सड़क से वंचित है।
कोट
निजमुला-पाणा-ईराणी मोटर मार्ग के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। साढ़े 15 किमी तक डामरीकरण कार्य भी पूरा हो गया है। झींझी में वीर गंगा पर पुल निर्माण शुरू कर दिया गया है। यहां बाईपास मार्ग का निर्माण भी किया जा रहा है, जल्द ही गांवों को सड़क से जोड़ दिया जाएगा। - विकास बडोला, जेई, पीएमजीएसवाई, पोखरी, चमोली।