मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चमोली और रुद्रप्रयाग के आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि जिला स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान हो सकता है, उसका त्वरित समाधान करें। राज्य स्तर से किसी भी संसाधन एवं सहायता की जरूरत हो तो उसकी तत्काल डिमांड करें। संवेदनशील स्थानों के आसपास एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए तहसीलों को जो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, उनके संचालन के लिए आउटसोर्स से वाहन चालकों की तैनाती की जाए। बरसात के दौरान चारधाम यात्रा का भी विशेष ध्यान रखें। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को ध्यान में रखते हुए यात्रा का सुव्यवस्थित संचालन किया जाए। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्यमंत्री को जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों के बारे में बताया। कहा कि जिले में 31 भूस्खलन क्षेत्र चयनित किए गए हैं। इन क्षेत्रों के आसपास सड़क मार्ग बंद होने की स्थिति में यात्रियों को खाद्य सामग्री वितरण करने के साथ जरूरी सुविधा मुहैया की जा रही है। बदरीनाथ हाईवे पर एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से पागलनाला, गुलाबकोटी और गौचर के समीप चटवापीपल में पुल निर्माण किया जाना है, जिसकी डीपीआर भी शासन को भेज दी गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पेयजल व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए जल संस्थान में कनिष्ठ अभियंताओं की आवश्यकता है।
वहीं रुद्रप्रयाग में हुई वीसी में सीएम ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि किसी भी घटना में रिस्पांस टाइम कम से कम हो, इसका ध्यान रखा जाए। जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, उन्हें शासन को भेज दें। डीएम मयूर दीक्षित ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिले में सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में संवेदनशील क्षेत्रों का चिह्निकरण करते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी तैनाती को कहा गया है।