सामाजिक सरोकारों से जुड़े हंस फाउंडेशन ने विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली जिले के नौ ब्लाकों की 200 महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान संतानदायिनी माता अनसूया मंदिर के लिए करीब 250 कंबल भेंट किए गए। जिला पंचायत सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं चूल्हा-चौका करने के साथ ही स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं। विकास में भी महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
मातृ सेवा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की द्वितीय कमान अधिकारी मेजर आइना राणा ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर दिया। कहा कि सनातन संस्कृति में जहां नारी की पूजा होती है, वहां स्वर्ग बसता है। इस दौरान दुग्ध उत्पादन, जड़ी-बूटी, शराब बंदी, सब्जी उत्पादन, सामाजिक कार्यों में जुटी ऊषा फरस्वाण, डा. रश्मि पुरोहित, मीना तिवारी, गंगोत्री देवी, कल्पेश्वरी, दमयंती, अंजना, उखा देवी, रमा देवी, मोहनी, पुष्पा, हंसा, सावित्री, बौणी देवी, नत्थी देवी, बेलमती, दीपा, पम्मी, कलावती मैंदोली, रुक्मा देवी, वंदना, बसंती, ममता शैली, शिवा फरस्वाण सहित 200 महिलाओं को सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य व पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर हंस फाउंडेशन के समन्वयक योगेश सुंदरियाल, रमा बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह राणा, पुष्कर चौधरी, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अमित मिश्रा, सूर्य प्रकाश पुरोहित आदि मौजूद थे। संचालन शिक्षिका जया चौधरी ने किया।