चार साल पुराने मिर्क फैक्ट्री अग्निकांड मामले में पद का दुरुपयोग कर आरोपी फैक्ट्री मालिक को बचाने और धारा में बदलाव करने के आरोप में डीजीपी के आदेश पर शुक्रवार को ऊधमसिंह नगर के एसएसपी केवल खुराना और प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
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अभियोग दर्ज होने का हवाला देते हुए शासन ने केवल खुराना को ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पद से हटाकर मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बनाया गया है। खुराना के स्थान पर उत्तरकाशी के एसपी अनंत शंकर ताक वाले को ऊधमसिंह नगर का एसएसपी बनाकर भेजा गया है।
उधर, प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पंवार ने डीजीपी से जवाब मांगा है कि बिना अनुमति के किन परिस्थितियों में आल इंडिया सर्विस के अफसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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गौरतलब है कि इस मामले में आईपीएस केवल खुराना अपने बयान में प्रमुख सचिव गृह के निर्देश पर जांच बदलने की बात पहले ही बता चुके हैं।
आठ फरवरी-2012 को कोतवाली क्षेत्र के मुंडियाकी स्थित मिर्क इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में भयंकर आग लग गई थी। इस अग्निकांड में 12 लोग जिंदा जल गए थे। उसके बाद हादसे के संबंध में नारसन खुर्द निवासी महक सिंह ने फैक्ट्री मालिक एवं महाप्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
IPS पर मुकदमा दर्ज करने पर डीजीपी से जवाब-तलब
पुलिस
महक सिंह के भाई कृष्णपाल की भी हादसे में मौत हो गई थी। हादसे में मारे गए नगला सलारू निवासी अभिषेक राणा के पिता रविंद्र कुमार ने कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और डीजीपी बीएस सिद्धू को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि तत्कालीन एसएसपी देहरादून और प्रभारी डीआईजी केवल खुराना ने फैक्ट्री मालिक का नाम मुकदमे से निकलवा कर और धारा-304-ए के स्थान पर धारा 304 कराने में अपने पद का दुरुपयोग किया था।
प्रभारी डीआईजी ने मुकदमे की विवेचना तत्कालीन मंगलौर इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह नेगी से बदलकर प्रभारी निरीक्षक मुनिकीरेती राजीव डंडरियाल को दी। उसने मुकदमे में फैक्ट्री मालिक गुल्लू मीरचंदानी का नाम निकालने के साथ ही धारा भी बदल दी। डीजीपी के आदेश पर मंगलौर पुलिस ने शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार पुत्र मदनपाल निवासी नगला सलारू की ओर से वर्तमान में एसएसपी ऊधमसिंह नगर केवल खुराना और इंस्पेक्टर राजीव डंडरियाल के खिलाफ 166 ए, 217 व 218 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की रिपोर्ट एसएसपी हरिद्वार को भेज दी है।
मुकदमा दर्ज होने पर फिलहाल आईपीएस केवल खुराना को हटा दिया गया है। डीजीपी से जवाब-तलब किया गया है कि सरकार की अनुमति के बिना आल इंडिया सर्विस के वरिष्ठ आईपीएस के खिलाफ मुकदमा कैसे दर्ज किया गया है? यह बेहद गंभीर मामला है।
-शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव
वरिष्ठ आईपीएस केवल खुराना ने पूरे मामले को दुर्भावना से प्रेरित बताया है। कहा कि विवेचना बदलने के जिस आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है, वो तत्कालीन प्रमुख सचिव ओमप्रकाश के मौखिक आदेश पर स्थानांतरित की गई थी। उस समय मेरे पास चंद दिन के कार्यवाहक डीआईजी का चार्ज था। यदि विवेचना बदलने का आदेश गलत था तो तत्कालीन डीआईजी ने छुट्टी से लौटने के बाद उसे रद्द क्यों नहीं किया? 23 मार्च को होली की छुट्टी होने के बावजूद पुलिस मुख्यालय खोलकर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। दरअसल, वन विभाग की जमीन मामले में हक में काम नहीं करने के कारण डीजीपी बीएस सिद्धू मुझसे व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं। इस कारण वह झूठे मामले बनाकर मुझसे निजी खुन्नस निकाल रहे हैं। मैं पहले ही शासन को दो बार लिख चुका हूं कि डीजीपी कुछ अधिकारियों के साथ मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं। शासन की अनुमति के बिना झूठी जांचें करा रहे हैं।
- केवल खुराना, वरिष्ठ आईपीएस (ऊधमसिंह नगर से हटाए गए एसएसपी)