भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने संबंधी नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर 26 अप्रैल तक लगाई गई रोक का स्वागत किया है। पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि उसे शीर्ष अदालत से ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी।
पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने फैसले का स्वागत करते हुए एक बार से रावत सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अभी भी कांग्रेस के कई विधायक हरीश रावत से नाराज हैं। इस दौरान विजयवर्गीय ने रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय के तत्काल बाद बिना राज्यपाल के इजाजत के रावत ने मुख्यमंत्री का दफ्तर संभाल लिया।
कांग्रेस के असंतुष्टों पर भाजपा की नजर
शीर्ष अदालत के राष्ट्रपति शासन जारी रखने के फैसले के तत्काल बाद विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी को ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि रावत सरकार कल भी अल्पमत में थी, आज भी है और अगर शक्ति परीक्षण हुआ तो उसमें भी अल्पमत में ही रहेगी।
बागी कांग्रेस विधायक हरक सिंह रावत के कई और कांग्रेस विधायकों के नाराज होने संबंधी दावे के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने इसे सच बताया। उन्होंने कहा कि 9 विधायकों के बागी रुख अख्तियार करने से ही यह साबित हो गया था। इस बीच भाजपा नेतृत्व ने राज्य इकाई को कुछ और विधायकों को साथ जोड़ने के लिए पूरी ताकत झोंकने का निर्देश दिया है। इस क्रम में शुक्रवार को विजयवर्गीय ने फिर से पूर्व सांसद सतपाल महाराज और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से लंबी चर्चा की।