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अब भाजपा विधायक की सदस्यता पर तलवार

Fri, 22 Apr 2016 01:03 PM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
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भाजपा व‌िधानमंडल दल के सदस्य। - फोटो : AmarUjala
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उत्तराखंड में सियासी भूचाल में कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त होने के बाद अब भाजपा विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता पर भी तलवार लटक रही है।
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बृहस्पतिवार को भाजपा चीफ व्हिप मदन कौशिक ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विस सत्र के दौरान विधायक जानबूझकर अनुपस्थित रहे। भारतीय संविधान के प्रावधान के अनुरूप अयोग्य व निरर्हित होने योग्य हैं। वही विधायक का जवाब भी पोषणीय नहीं है, जिसे न पढ़ा जाए। व्हिप के उल्लंघन पर उनकी सदस्यता को समाप्त किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष के सामने बृहस्पतिवार को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) मदन कौशिक ने जहां अपना पक्ष रखते हुए विधायक की सदस्यता समाप्त करने को कहा। वही नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की ओर से उनके अधिवक्ता अरुण उनियाल ने नेता प्रतिपक्ष का शपथ पत्र दाखिल कर याचिका में चीफ व्हिप की ओर से लगाए गए आरोपों का समर्थन किया।
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व्हिप चीफ भाजपा मदन कौशिक की ओर से उनके अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि विधायक भीमलाल आर्य की ओर से जो जवाब दाखिल किया गया है वह कानूनी रूप में पोषणीय नहीं है। इनके जवाब को याचिका में न पढ़ा जाए। उन्होंने विधायक के खिलाफ 18 मार्च को विधानसभा में अनुपस्थिति का प्रमाणपत्र साक्ष्य के रूप में दाखिल किया है।

याचिकाकर्ता की ओर से याचिका का संज्ञान लेते हुए भाजपा के निर्वाचित सदस्य भीम लाल आर्य विधायक घनसाली के खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191 (2) एवं सपठित अनुसूची 10 के पैरा 2 (ख) के आधार पर तृतीय विधान सभा के सदस्य के रूप में अयोग्य व निरर्हित कर अपना निर्णय दें।

कांग्रेस सरकार को सहयोग किया-कौशिक
भाजपा मुख्य सचेतक ने कहा विधायक ने कांग्रेस सरकार को स्वेच्छा से सहयोग किया और भाजपा को छोड़ दिया। वे पार्टी व्हिप और नीतियों के खिलाफ काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत सरकार ने उन्हें प्रलोभन दिया और भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह का उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) का दर्जा दिया।

मुख्यमंत्री ने नहीं दिया मुझे कोई लालच
विधायक भीमलाल आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें कोई लालच नहीं दिया। 18 मार्च 2016 को वे विधानसभा परिसर में उपस्थित थे। पार्टी की ओर से उन्हें कोई व्हिप जारी नहीं हुआ न ही किसी ने व्यक्तिगत रुप से इसकी उन्हें सूचना दी। 18 मार्च 2016 को विधानसभा परिसर में किसी भी मत पर मत विभाजन की कोरम बैल भी नहीं बजी। इसलिए मतदान में प्रतिभाग करने का सवाल ही नहीं है।

विधायक ने दाखिल जवाब में कहा कि उन्हें भीमराव अंबेडकर समारोह उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) बनाए जाने का कोई पत्र नहीं मिला। पांच मई 2015 को उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। जिसके बाद से उन्हें विधान मंडल दल की बैठक में आमंत्रित करना बंद कर दिया गया।
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