पार्टी नेताओं के साथ हरीश रावत
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हाईकोर्ट के फैसले से सूबे में 24 घंटे के लिए निजाम बदलने और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सत्ता क्या संभाली, पिछले एक माह से सूना रहा बीजापुर गेस्ट हाउस गुलजार (मुख्यमंत्री आवास) हो गया। मंत्री, नौकरशाह, कार्यकर्ता सब बृहस्पतिवार की रात ही बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंच गए। यह सिलसिला शुक्रवार को भी दोपहर तक जारी रहा।
मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के लिए बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर माहौल बदल गया।
चहलकदमी करते नजर आए पार्टी नेता
18 मार्च को कुर्सी गंवाने के बाद मुख्यमंत्री से दूरी बनाने वाले कुछ पार्टी नेता भी शुक्रवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में चहलकदमी करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने भी बिना किसी गिले शिकवे के साथ सबसे मुलाकात की।
मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाधिकारी भी भीड़ देखकर भौचक रहा। उक्त अधिकारी ने कहा कि आखिरकार एक माह ही गेस्ट हाउस में रौनक लौटी है।
बहरहाल शुक्रवार शाम को हाईकोर्ट के फैसले पर सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी। जिसके बाद बीजापुर गेस्ट हाउस में आने-जाने लोगों के चेहरों पर शिकन भी दिखी।