भोजन माताओं ने बहाली और मानदेय बढ़ाए जाने की मांग को लेकर परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पुलिस ने उन्हें सीएम आवास पहुंचने से पहले ही रोक लिया। जहां हुई सभा में भोजन माताओं ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की संख्या घटते ही उन्हें स्कूलों से बाहर किया जा रहा है।
भोजन माताओं ने कहा कि उन्हें 12 महीने का मानदेय दिए जाने के साथ ही बोनस दिया जाए। सीएम आवास कूच करने वालों में सुनीता, शैलबाला, मंजू, सरोज, पुष्पा आदि शामिल रही।
भोजन माताओं को स्कूलों से हटाने का विरोध:
उत्तरकाशी में भी भोजन माताओं ने कम छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों से हटाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने सरकार से भोजन माताओं को प्रति माह 15 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की।
जिला मुख्यालय पर गीता पंवार की अध्यक्षता में हुई भोजन माताओं की बैठक में शामिल एटक के जिला महासचिव कामरेड महावीर प्रसाद भट्ट ने कहा कि सरकार भोजन माताओं का उत्पीड़न कर रही है। कम छात्र संख्या के आधार पर भोजन माताओं को स्कूलों से हटाया जा रहा है, जबकि शिक्षकों के लिए कोई मानक नहीं हैं।
उन्होंने भोजन माताओं को हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में भोजन माताओं ने सरकार से प्रतिमाह 15 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। इस मौके पर संपत्ति देवी, संजना, अतरा देवी, कमला, आशा, मंगला, राजेश्वरी, शिव देई, पिंगला देवी और उज्ज्वल देई आदि भोजन माताएं मौजूद रहीं।