बीजेपी के बागी विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता बरकरार रखने के मामले में आर्य के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में जवाब देने के लिए अदालत से पहले जारी हुआ नोटिस उनके मुवक्किल को नहीं मिला है।
इस पर हाईकोर्ट ने भीमलाल आर्य को अब दस्ती (हाथोंहाथ प्राप्त होने वाला) नोटिस जारी किया है। इस प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दस दिन बाद नियत की है।
बता दें कि भाजपा के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें भीमलाल आर्य की सदस्यता को बरकरार रखा था।
व्हिप के उल्लंघन का मामला
याचिका में कहा था कि व्हिप के बावजूद भीमलाल आर्य सदन से 18 मार्च को गैरमौजूद रहे, जिसकी शिकायत की अनदेखी करते हुए स्पीकर ने उनकी सदस्यता बरकरार रखी है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने व्हिप के उल्लघंन का मामला बनाते हुए दल बदल कानून के तहत आर्य की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अदालत ने सोमवार को पक्षों की सुनवाई के बाद भीमलाल आर्य को दस्ती नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिन बाद नियत की।