बोतल ढंग से साफ किए बिना दूध पिलाने से दुधमुंहे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उत्तराखंड में बोतल से दूध पीने वाले कई बच्चे डायरिया की गिरफ्त में हैं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भरती किया गया है।
दून अस्पताल का पीडियाट्रिक वार्ड इस वक्त फुल हो गया है। डायरिया रोगियों के पूरे शरीर में संक्रमण फैल रहा है। कांवली रोड के रहने वाले रोहित शर्मा की एक महीने की बेटी कीर्ति गंभीर हालत में दून अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड के 18 नंबर बेड पर भरती है।
डायरिया के बाद बच्ची को दौरा पड़ा और बेहोशी आ गई। इसके बाद संक्र मण उसके पूरे शरीर में फैल गया है। बच्ची सेप्टीसीमिया की स्थिति में चली गई है। रोगी का इलाज वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. डीएस रावत के अंडर में चल रहा है। डायरिया रोगियों से पीडियाट्रिक वार्ड के सारे बेड भर गए हैं।
अस्पताल में नेहरुनगर, कांवली रोड, धर्मावाला, करनपुर आदि क्षेत्रों के मरीज भरती हैं। इसके अलावा कोरोनेशन अस्पताल में डायरिया के रोगी भरती हैं।
अस्पतालों की ओपीडी में रोगियों की भरमार
अस्पतालों की ओपीडी में रोगियों की भरमार रही। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. डीपी जोशी ने बताया कि संक्रमित पानी की वजह से डायरिया फैल रहा है। बोतल को 15 मिनट तक खौलते पानी में डालें। इसके बाद उसमें बच्चे को दूध दें।