पढ़ाई करें या पानी भरें: कठपुड़ियाछीना के बोहला में गांव से एक किमी दूरी पर स्थित प्राकृतिक स्रोत
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बागेश्वर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। काफलीगैर तहसील के धूराफाट क्षेत्र में एक सप्ताह से पेयजल संकट है। क्षेत्र के 10 ग्राम पंचायतों के लोग प्राकृतिक स्रोतों से पीने का पानी जुटा रहे हैं। स्कूली बच्चे भी पढ़ाई के साथ पीने के पानी का इंतजाम करने को मजबूर हो रहे हैं। विभाग को सूचित करने के बावजूद समस्या का निदान नहीं होने से लोगों में नाराजगी पनप रही है।
धूराफाट के गांवों में सक्तेशवर से बनी बौड़ी-धूराफाट पंपिंग पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। इस योजना का लाभ रैखोली, असों, मल्लाकोट, बोहाला, नंदीगांव, कभड़ा, एरियागाड़ आदि गांवों को मिलता है। गर्मी बढ़ने के साथ योजना में पानी की आपूर्ति भी कम हो गई है। लोगों को जरुरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। पेयजल जुटाने के लिए लोगों को एक से तीन किमी तक की दूरी तय करनी पड़ रही है। पानी जुटाने के चलते ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। बच्चे भी स्कूल से घर लौटकर सीधे पानी का इंतजाम करने में जुट रहे हैं और एक से दो किमी दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हो रहे हैं।
कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र की पेयजल योजना काफी पुरानी हो गई है। हर साल गर्मी बढ़ते ही क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। विभाग को बार-बार समस्या से अवगत कराया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। आठ हजार से अधिक की आबादी पेयजल संकट का सामना कर रही है लेकिन शासन-प्रशासन समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
सरयू नदी का जलस्तर कम होने के कारण बौड़ी-धूराफाट पेयजल योजना के पंप में पानी सप्लाई कम हो गई है। नदी का बहाव पंप की ओर डायवर्ट किया जाना है। एसडीएम से नदी में मशीन चलाने के लिए अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही क्षेत्रवासियों की समस्या दूर कर दी जाएगी।
सीएस देवड़ी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान बागेश्वर