बागेश्वर में उत्तरायणी मेले को लेकर बैठक लेते डीएम। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। नगर के ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले पर इस साल भी कोरोना की मार पड़ गई है। इस बार भी उत्तरायणी का मेला नहीं होगा। डीएम ने शासन को कोविड गाइडलाइन को देखते हुए यह फैसला लिया है। मेले में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। स्थानीय व्यापारियों और स्थानीय उत्पादकों को ही दुकान लगाने की अनुमति रहेगा। यह पहला मौका है, जब लगातार दूसरे साल उत्तरायणी मेला नहीं होगा।
कोविड-19 के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए सात जनवरी को जारी सरकार की एसओपी के मद्देनजर डीएम विनीत कुमार ने उत्तरायणी मेले को लेकर जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की बैठक ली। डीएम ने कहा कि नई गाइडलाइन के अनुसार 16 जनवरी तक सभी सार्वजनिक समारोह (मनोरंजन/शैक्षिक/सांस्कृतिक आदि) गतिविधियों पर प्रतिबंध है। इसलिए पहले की बैठकों में उत्तरायणी मेले को तीन दिन तक आयोजित करने के निर्णय लिया गया था, जिसे स्थगित किया जाता है। अब उत्तरायणी के दौरान कोई भी आयोजन नहीं होंगे।
डीएम ने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय व्यापारियों और स्थानीय उत्पादकों को दुकानें लगानी की अनुमति होगी। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी अमित श्रीवास्तव, एसडीएम/मेलाधिकारी हर गिरि, सीओ शिवराज राणा, चेयरमैन रेडक्रॉस सोसाइटी संजय साह जगाती, किशन सिंह मलड़ा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद भट्ट, अधिवक्ता गोविंद सिंह भंडारी आदि थे।