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स्वरोजगार के अवसरों से होगा रिवर्स पलायन

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बागेश्वर डिग्री कॉलेज में रिवर्स पलायन पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। रिवर्स पलायन को लेकर आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय सम्मेलन में डिग्री कॉलेज बागेश्वर के प्राचार्य और प्रवक्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वक्ताओं ने कहा कि गांवों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करने से ही रिवर्स पलायन होगा।
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डिग्री कॉलेज त्यूनी (देहरादून) के संयोजन से रिवर्स पलायन को लेकर हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न कॉलेज जुड़े। इसमें शोधार्थियों, प्राध्यापकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों ने विचार रखे। पर्यावरणविद अजय रावत ने कहा कि योजनाओं को एक्शन रिसर्च में बदलने की आवश्यकता है, ताकि पहाड़ फिर से विकसित हो सके।
कार्यक्रम संयोजक चमन कुमार ने कहा कि रिवर्स पलायन के लिए गांव का विकास जरूरी है। कोरोना के कारण अधिकतर प्रवासियों ने शहरों से गांव की ओर पलायन किया है। इन्हें गांव में ही रोकने के लिए स्वरोजगार उपलब्ध कराना होगा। रोजगार के अभाव में पहाड़ों से लगातार पलायन हो रहा है। पलायन वर्तमान समय की सबसे गंभीर समस्या है। इसे रोकने के लिए सबको मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को शोधार्थी अपने शोध पत्र पेश करेंगे, जिसकी रिपोर्ट बनाकर पलायन आयोग और मानव संसाधन मंत्रालय को भेजी जाएगी। कॉलेज प्राचार्य अंजू अग्रवाल ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का अभिनंदन किया। वर्चुअल कार्यक्रम में करीब पांच सौ लोग जुड़े।
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