शासन ने पिछले दिनों जिले के तीनों ब्लॉकों में पांच-पांच स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा की थी। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के संभावित विकास योजनाओं की तैयारी शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार जिला शिक्षा अधिकारी (सीईओ) आरसी आर्य ने संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों की बैठक ली। उन्होंने प्रधानाचार्यों को स्कूलों के विकास योजना के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने, प्रधानाचार्यों को मॉडल स्कूलों के बारे में क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
अपने सभागार में सीईओ आर्य ने स्कूलों में बिजली, पीने का पानी, कक्षा कक्ष, फर्नीचर, खेल मैदान, कंप्यूटर आदि संसाधनों की उपलब्धता, स्कूलों के कार्मिकों की स्थिति, छात्रसंख्या, परीक्षाफल, अध्यापकों के प्रशिक्षण की जरूरत पर चर्चा की। सीईओ ने कहा कि मॉडल स्कूलों के जरिए बच्चों को नजदीक में ही बेहतर शिक्षा मिलेगी।
उन्होंने प्रधानाचार्यों से मॉडल स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में व्यापक प्रचार, प्रसार करें ताकि नवीन शिक्षा सत्र में अधिक बच्चे दाखिला ले सकें। वहां जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, उपशिक्षा अधिकारी, राजकीय इंटर कॉलेज गरुड़, कर्मी, कौसानी के प्रधानाचार्य, जूनियर हाईस्कूल उड़खुली, प्राइमरी स्कूल पिंगलो, शामा, पन्याली के प्रधानाध्यापक मौजूद थे।