अर्द्धकुंभ ड्यूटी के लिए 40 पुलिसकर्मियों के चले जाने से यहां पुलिस के कई काम अभी से चरमराने लगे हैं। यदि समय पर यहां पर्याप्त फोर्स न पहुंचा तो उत्तरायणी मेले की कई व्यवस्थाओं के चरमराने की आशंका है।
कम फोर्स का सीधे असर यातायात व्यवस्था, रात्रिकालीन गश्त, हर सुरक्षा बिंदु जहां चार पुलिसकर्मी लगाए जाते थे, वहां पुलिस के एक सिपाही, एक होमगार्ड या पीआरडी के जवान से काम चलाना पड़ेेेगा।
त्वरित कार्रवाई न होने से अपराधी अपने मंसूबे पूरे करके रफूचक्कर होने में सफल हो जाएंगे। महिलाओं से छेड़खानी, छीनाझपटी आदि घटनाएं भी बढ़ने की आशंका है। कम फोर्स के कारण पुलिस के रूटीन वर्क के अलावा लंबित जांचें भी प्रभावित होंगी।