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Bageshwar News: अशासकीय स्कूल के लिपिक को बीईओ दफ्तर से अटैच के मामले में बीईओ करेंगे जांच

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बागेश्वर। अशासकीय स्कूल के लिपिक को नियमों के विरुद्ध जाकर बीईओ दफ्तर में अटैच करने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। शिक्षा मंत्री की कड़ी फटकार के बाद विभाग तुरंत हरकत में आ गया है। अटैचमेंट के इस खेल में जुगाड़ तंत्र और नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ ) विनय कुमार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
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अमर उजाला के शनिवार के अंक में अशासकीय स्कूल के लिपिक को बीईओ दफ्तर से किया अटैच शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इस मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने मामले की गहनता से पड़ताल करने की जिम्मेदारी बीईओ कपकोट अजीत कर्णवाल को सौंपी है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कपकोट पूरे मामले की पड़ताल कर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द ही सीईओ को सौंपेंगे जिसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
बता दें कि जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, शामा (अशासकीय विद्यालय) में तैनात लिपिक त्रिलोक सिंह को नियमों के विरुद्ध बीईओ कार्यालय कपकोट में संबद्ध (अटैच) किया गया था। इस संबद्धता को बनाए रखने के लिए बाकायदा शिक्षा मंत्री के हस्ताक्षरों वाला एक पत्र भी जारी हुआ था जिसने विभाग की नीति और नीयत दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, अशासकीय विद्यालय के किसी भी कर्मचारी को सरकारी कार्यालय में अटैच करने का कोई नियम नहीं है।
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मामले का खुलासा होने पर सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीईओ को फोन पर फटकार लगाई थी। शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि सरकार पूरे प्रदेश में अटैचमेंट की व्यवस्था को पूर्णतः समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में अशासकीय विद्यालय का कर्मी सरकारी विभाग में कैसे संबद्ध हुआ, यह गंभीर विषय है।
मंत्री ने फर्जी हस्ताक्षरों या लापरवाही की स्थिति में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
कोट
- मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बीईओ कपकोट को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ नियम संगत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - विनय कुमार, सीईओ, बागेश्वर
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