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राइंका कपकोट में प्रवक्ता के पांच पद खाली, लिपिक के बिना चल रहा कार्यालय

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जीईआईसी कपकोट। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज कपकोट में प्रधानाचार्य, पांच प्रवक्ता और दो सहायक अध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। स्कूल में कार्यालयी कामकाज के लिए लिपिक भी तैनात नहीं है। शिक्षकों के नहीं होने से छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय प्रबंधन समिति ने जल्द स्कूल में शिक्षकों और कार्यालयी स्टॉफ की तैनाती की मांग की है।
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राइंका कपकोट की स्थापना वर्ष 1928 में जूनियर हाईस्कूल के रूप में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1948 में विद्यालय को हाईस्कूल की मान्यता मिली। वर्ष 1965 में विद्यालय इंटरमीडिएट बना और वर्ष 2005 में प्रांतीयकरण हुआ। वर्तमान में विद्यालय की छात्र संख्या 449 है। अच्छी छात्र संख्या होने के बावजूद स्कूल में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। विद्यालय में इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रवक्ता का पद रिक्त चल रहा है। संस्कृत और रसायन विज्ञान के प्रवक्ता की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षक संभाल रहे हैं, अन्य पद खाली हैं। एलटी सहायक अध्यापक में गणित और हिंदी विषय के पद रिक्त हैं। हिंदी के प्रवक्ता वंशीलाल प्रधानाचार्य का कामकाज देख रहे हैं। विद्यालय में लिपिक के दो पद स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष एक पद पर कर्मचारी हैं, लेकिन वह कोविड ड्यूटी पर हैं, जबकि एक पद रिक्त है। लिपिक के नहीं होने से शिक्षकों को पढ़ाई के अतिरिक्त कार्यालयी कामकाज भी संभालना पड़ रहा है।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रकाश सिंह कपकोटी ने बताया कि कई बार शिक्षक और कार्यालीय स्टाफ की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग और डीएम को ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का रोष बढ़ रहा है।
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शिक्षकों के पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। जिसके पूरा होते ही जिले के विद्यालयों में रिक्त पदों को प्राथमिकता से नियुक्ति की जाएगी।
पदमेंद्र सकलानी, सीईओ बागेश्वर
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