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शिक्षक-प्रशिक्षकों ने बांह में काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

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बागेश्वर डायट में बांहों में काला फीता बांधकर प्रदर्शन करते शिक्षक-प्रशिक्षक। संवाद न्यूज एजें? - फोटो : BAGESHWAR
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षकों ने पृथक कैडर की नियमावली जल्द जारी करने की मांग के लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर में बांह में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। उन्होेंने खुली विज्ञप्ति के माध्यम से रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की भी मांग की।
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प्रशिक्षकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देश का पालन करते हुए वर्ष 2013 में शिक्षक प्रशिक्षण संवर्ग का शासनादेश तो जारी किया लेकिन इसकी नियमावली को अब तक जारी नहीं किया गया है। टीचर एडुकेटर फोरम के सचिव डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी ने कहा कि नियमावली जारी नहीं होने के बावजूद केंद्र पुरोनिधानित शिक्षा के तहत बजट प्राप्त करने के लिए वास्तविक तथ्यों को छुपाया जा रहा है और हर साल करोड़ों का बजट हासिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डायट में सुगम संस्थानों में ही स्थानांतरण और पदस्थापन होने से दूरस्थ डायटों में कार्मिकों की कमी बनी हुई है। पिछले दो महीने के दौरान 36 शिक्षकों को सिर्फ पहुंच के आधार पर डायट एवं एससीईआरटी देहरादून में स्थानांतरित कर दिया गया जो वर्तमान में भी जारी है। ठोस नियमावली नहीं होने से वर्तमान में खुली विज्ञप्ति के माध्यम से चयनित प्रशिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशिक्षकों ने जल्द नियमावली जारी कर इन संस्थानों में पूर्ण योग्यता रखने वालों को समायोजित करते हुए रिक्त पदों पर खुली विज्ञप्ति के माध्यम से भर्ती कराने की मांग की। अल्मोड़ा में प्रदर्शन करने वालों में टीचर एजुकेटर फोरम (टीईएफ) संयोजक गोपाल गिरी गोस्वामी, ललित मोहन पांडे, राकेश मिश्रा, डॉ. हरीश चंद्र जोशी, डॉ. भुवन पांडेय, डॉ. प्रकाश पंत मौजूद थे। वहीं बागेश्वर में डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. बीडी पांडेय, डॉ. संजय गुरुरानी, डॉ. कुंदन सिंह रावत, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. दयासागार, डॉ. राजीव जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला आदि मौजूद रहे।
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पृथक कैडर जल्द बनाया जाए: गैड़ा
अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ के संस्थापक सदस्य और पूर्व जिला मंत्री गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि राज्य स्तर पर डायट और एससीईआरटी का अलग-अलग निदेशक बनाया गया है तो फिर कैडर भी अलग बनाया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर शिक्षक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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