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संडे मार्केट दे रहा स्थानीय काश्तकारों को बाजार

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बागेश्वर में संडे मार्केट से खरीदारी करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। हर रविवार को लगने वाला संडे बाजार उपभोक्ताओं को तो ताजा सामान उपलब्ध कराता ही है। स्थानीय काश्तकारों के लिए भी संजीवनी बना हुआ है। रवि हाट में स्थानीय काश्तकार, पशुपालक सब्जी, अनाज के साथ ही दही भी लेकर आते हैं। स्थानीय लोगों के लिए फायदे का सौदा बने इस बाजार को प्रशासन और नगरपालिका अब तक स्थान उपलब्ध नहीं करा पाई है।
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2007 से प्रत्येक रविवार को तड़के पांच बजे से जिला अस्पताल के पास रवि हाट लगता आया है। तुपेड़, अमसरकोट, अनर्सा आदि गांवों के काश्तकार ताजी सब्जियों के साथ ही पहाड़ी चावल, दही आदि यहां लेकर आते हैं। यहां पर पहाड़ी चावल और मंडुवे का आटा 40 रुपये किलो बिक रहा था। गडेरी 40 रुपये किलो, अरबी 25 रुपये किलो, अदरक 60 रुपये किलो, लाई, पालक 10 रुपये गड्डी, सरसों पांच रुपये गड्डी बिक रही थी। दही 60 रुपये किलो में बेची जा रही थी। लोग स्थानीय उत्पादकों के उत्पादों को हाथोंहाथ ले रहे थे। नगर के लोग रविवार को तड़के ही स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं।
तुपेड़ से उत्पाद लेकर पहुंचे खीम सिंह खेतवाल, तुपेड़ की चंपा देवी, अनर्सा की लीला मेहता, तुपेड़ की देवकी देवी, हीरा देवी, अमसरकोट की नीमा टंगड़िया, अनर्सा की भावना मेहता बतातीं हैं कि वे लोग कई सालों से उत्पाद लेकर पहुंचते हैं। इन लोगों का कहना था कि संडे बाजार में बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। बारिश में भी खुले आसमान के नीचे उत्पाद बेचने पड़ते हैं। रवि बाजार के लिए कम से कम एक टिनशेड की व्यवस्था तो प्रशासन और नगरपालिका को करनी चाहिए।
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रवि हाट सरस बाजार के पास लगती है। इन लोगों को स्थायी जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। नुमाइशखेत में इसके लिए स्थान उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा।
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सुरेश खेतवाल नगर पालिकाध्यक्ष बागेश्वर।
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