बागेश्वर/पिथौरागढ़। ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी का दौर जारी है। कपकोट तहसील क्षेत्र के पिंडर और सरयू घाटी के गांवों में जमकर हिमपात हुआ है। सड़कों पर बर्फ जमा होने से वाहन चालकों और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। बर्फबारी के बाद जिले के अन्य स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
बीते तीन दिन से जिले में मौसम का मिजाज बदला है। कपकोट की पिंडर घाटी के बदियाकोट, किलपारा, तीख, खाती, वाछम, सोराग, कुंवारी, बोरबलड़ा, समडर, धूर, सरयू घाटी के झूनी, खलझूनी, बघर, कर्मी, विनायक और बिचला दानपुर के गोगिना, कीमू, रातिरकेटी, हांप्टीकापड़ी, मल्खाडुंर्गचा आदि गांवों में एक इंच से लेकर आधा फीट तक बर्फ गिरी है। कई स्थानों पर वाहन चालक और सवारियां स्वयं बर्फ हटाकर रास्ता बना रहे हैं।
वहीं, पिंडर घाटी और बिचला दानपुर के गांवों में सेब आदि का उत्पादन करने वाले काश्तकार बर्फबारी के बाद खुश हैं। बागेश्वर सहित अन्य इलाकों में भी सोमवार रातभर बारिश होती रही। लगातार बारिश से सरयू और गोमती नदी का पानी मटमैला हो गया। नदियों के जलस्तर में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई। भारी बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी सड़क 13 घंटे से अधिक समय तक बंद रही। बर्फबारी के कारण मुनस्यारी-मिलम सड़क का काम भी बंद हो गया है।
मुनस्यारी बाजार में दो इंच बर्फबारी हुई। नया बस्ती में छह इंच, ईको पार्क में डेढ़ फुट, बेटुलीधार और कालामुनि में दो फुट, खलिया में ढाई फुट, मिलम में चार फुट और लास्पा में 3.5 फुट बर्फबारी हुई है। मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सात डिग्री रहा।
एसडीआरएफ ने बर्फबारी में फंसे लोगों को बचाया
धारचूला (पिथौरागढ़)। एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने 3150 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खुमती नालालेख मंदिर में फंसे आठ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान टीम ने 14 किमी की दूरी पैदल तय की। कई स्थानों पर तो टीम ने पांच फुट तक गिरी बर्फ की बाधा को पार किया। मौत को मात देकर सुरक्षित बचे लोगों ने पुलिस और एसडीआरएफ का आभार जताया।