कपकोट के ऊंचाई वाले गांव बर्फ की सफेद चादर में लिपटे, निचले इलाकों में रात से हो रही हल्की बारिश
बागेश्वर। तीन महीनों के इंतजार के बाद आखिरकार मौसम मेहरबान हुआ और जिले के ऊंचाई वाले इलाकों को बर्फ का दीदार हुआ। कपकोट के पिंडर घाटी के गांवों में हिमपात होने से पहाड़, खेत, खलिहार बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। बिचला दानपुर के बुग्यालों में मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। जिले के निचले इलाकों में हल्की बारिश हो रही है।
बुधवार की शाम से जिले में हल्की बारिश शुरू हो गई थी। रात से ही कपकोट की पिंडर घाटी के गांव खाती, वाछम, बोरबलड़ा, कुंवारी, बदियाकोट, सोराग, धूर आदि स्थानों में बर्फ गिरने लगी। बृहस्पतिवार की सुबह तक खाती, धूर आदि गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। बर्फ का दायरा बढ़ते हुए चिल्ठा, विनायक तक पहुंच गया। कर्मी गांव की पहाड़ियों में भी बर्फ चमकने लगी। बिचला दानपुर के लीती गांव में पड़ने वाले लोधूरा समेत अन्य बुग्याल भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। बारिश का दौर जारी रहने से क्षेत्र के गांवों में भी बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।
वहीं जिला मुख्यालय समेत कपकोट, कांडा, गरुड़, काफलीगैर, दुग नाकुरी आदि क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है। लगातार बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में बर्फबारी के कारण किसी सड़क के बंद होने की सूचना नहीं है।
देरी से हुई बारिश, थोड़ी ही मिलेगी राहत
बागेश्वर। बारिश और बर्फबारी के बाद किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश होने में काफी देर हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. कमल कुमार पांडेय कहते हैं कि वर्तमान में भी मात्र दो से तीन मिमी बारिश हुई है, जो नाकाफी है। ऊंचाई वाले इलाकों में जिन फलों की फ्लावरिंग के लिए बर्फबारी अच्छी है। जिन फसल और फलों में समय पूर्व फ्लावरिंग हो चुकी है, उनको हुए नुकसान की भरपाई हो नहीं सकती है। आगामी दो, तीन दिन अगर अच्छी बारिश होगी तो ही फसलों को इसका लाभ मिलेगा।