बागेश्वर के लोग दशकों से रोपवे का सपना देख रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लंदन दौरे से बागेश्वर में रोपवे का निर्माण होने की उम्मीद जागी है। बागेश्वर के नीलेस्वर की पहाड़ी पर स्थित नीलेश्वर महादेव मंदिर और भीलेश्वर पहाड़ी पर चंडिका मंदिर को जोड़ने के लिए रोपवे निर्माण की योजना काफी पुरानी है।
बागेश्वर के पूर्व मंत्री स्व. चंदन राम दास ने नीलेश्वर और चंडिका मंदिर को रोपवे से जोड़ने की योजना बनाई थी। उनका सपना दोनों मंदिरों को रोपवे के जरिये आपस में जोड़ने का सपना था। नीलेश्वर और भीलेश्वर की पहाड़ी बिल्कुल आमने-सामने हैं। दोनों पहाड़ियों के मध्य सरयू बहती है।
स्व. दास रोपवे का निर्माण कर जिला मुख्यालय में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाना चाहते थे। उनके जीते जी यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई। मुख्यमंत्री ने हाल के लंदन दौरे में रोपवे के क्षेत्र में काम करने वाली एक कंपनी के साथ दो हजार करोड़ के निवेश का करार किया है। सीएम के करार के बाद एक बार फिर रोपवे निर्माण की उम्मीद जग गई है।
लोग राज्य में रोपवे के विकास की योजना में बागेश्वर को भी हिस्सा मिलने की उम्मीद पाले बैठे हैं। रोपवे के निर्माण का सपना पूरा होता है तो निश्चित रूप से बागेश्वर के पर्यटन विकास के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा।
मेरे स्वर्गीय पति ने रोपवे की योजना तैयार की थी। हाल में सीएम के लंदन दौरे में रोपवे का निर्माण करने वाली कंपनी से निवेश का करार हुआ है। बागेश्वर के रोपवे का मामला सीएम के सामने उठाया जाएगा। रोपवे निर्माण की पूरी कोशिश की जाएगी।
- पार्वती दास विधायक, बागेश्वर