बागेश्वर। सीबीएसई पैटर्न पर संचालित हो रहे जिले के छह अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का प्रदर्शन हर साल बेहतर होता जा रहा है। इस साल इंटरमीडिएट में चार विद्यालयों का इंटर का परीक्षाफल 90 प्रतिशत से अधिक रहा है। हालांकि हाईस्कूल के परीक्षाफल में अब भी काफी सुधार की गुंजाइश है।
मंगलवार को घोषित हुए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम में राइंका वज्यूला का इंटर का परीक्षाफल 95.08 जबकि हाईस्कूल का 35.18 प्रतिशत रहा। राइंका भटखोला में इंटर के 78.37 प्रतिशत जबकि हाईस्कूल में 40.57 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। राइंका अमस्यारी का इंटर का परीक्षाफल 95.56, हाईस्कूल का 63.16 प्रतिशत रहा। राइंका सानिउडियार में इंटर में 96.96 और हाईस्कूल में 90.5 छात्र-छात्राएं सफल रहे। राइंका सूपी का इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 98, हाईस्कूल का 55 प्रतिशत रहा।
राइंका स्यांकोट में इंटर में 67 हाईस्कूल में 56 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। राइंका वज्यूला के प्रभारी प्रधानाचार्य दीपक आर्या, अमस्यारी के हरेंद्र नेगी, सूपी के मोहन प्रकाश, स्यांकोट की कुसुम जोशी, सानिउडियार के भुवन चंद्र पाठक और राइंका भटखोला के प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा ने सफल परीक्षार्थियों को भविष्य केे शुभकामनाएं दी हैं।
इनसेट
सुविधाएं मिलती तो बेहतर होता परिणाम
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का हाल भी अन्य सरकारी स्कूलों के समान ही है। विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद शिक्षकों की कमी दूर होेने समेत अन्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। सूपी, स्यांकोट के विद्यालयों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान जैसे अहम विषयों के शिक्षक तक नहीं है। बावजूद इसके विद्यार्थियों ने स्वाध्याय से सीबीएसई पैटर्न की परीक्षाओं में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह अच्छा ही कहा जाएगा।
कोट
अटल उत्कृष्ट स्कूलों में इंटर का परीक्षाफल बेहतर रहा है, हाईस्कूल का रिजल्ट अब भी उत्साहजनक नहीं है। हाईस्कूल में वज्यूला का परीक्षाफल चिंताजनक है। सूपी, स्यांकोट, सानिउडियार में शिक्षकों की कमी के बावजूद अच्छा परिणाम मिला है। स्कूलों में शिक्षकोंं की कमी को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। - जीएस सौन, सीईओ, बागेश्वर