बागेश्वर। खरही पंपिंग पेयजल योजना के पुनर्गठन के लिए खेतों की खोदाई के विरोध में बिलौना के ग्रामीणों का धरना जारी है। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों को मनाने के लिए एसडीएम हरगिरी मौके पर गए। उन्होंने इंजीनियर के माध्यम से सर्वे कराने की बात कही है। वहीं, ग्रामीणों ने सर्वे बदलने की मांग पर अडिग रहते हुए आंदोलन को जारी रखा है।
खरही पंपिंग योजना की पुरानी पाइप लाइन को बदलने के लिए जल निगम ने खेतों की खोदाई की तो ग्रामीणों ने विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया। 10 सितंबर से बिलौना के लोग धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की खोदाई से उनकी कृषि जमीन बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों को पेयजल निमग के ईई मौके पर गए लेकिन ग्रामीण नहीं माने। लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर परेशानी बताई। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण और भैरवनाथ टम्टा भी पेयजल योजना के लिए आंदोलन कर रहे लोगों को समर्थन दे चुके हैं।
इधर, शुक्रवार को एसडीएम हर गिरी ने बिलौना जाकर आंदोलनकारियों की समस्या सुनी। लोगों ने उनके सामने खेतों की खोदाई का पुरजोर विरोध किया। जिसके बाद एसडीएम ने ईई से सर्वे करवाने की बात कही है। ग्रामीणों ने कहा कि खेतों की खोदाई रोकने और सर्वे बदलने के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा। धरने में प्रकाश सिंह दफौटी, चंदन सिंह कनवाल, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, रमेश चंद्र गुरुरानी, धन सिंह आदि थे।
अराजक तत्वों ने तोड़ा टेंट
बागेश्वर। बिलौना में आंदोलन कर रहे लोगों ने अराजक तत्वों पर उनके टेंट को तोड़ने का आरोप लगाया है। मौके पर गए एसडीएम को शिकायती पत्र देकर लोगों ने कहा कि बृहस्पतिवार की रात को किसी ने उनका टेंट उखाड़ दिया है। उनके आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मामले की जांच करने की मांग की।
बिलौना जाकर आंदोलन कर रहे लोगों की समस्या सुनीं। उनके बताए अनुसार विभाग के इंजीनियर से सर्वे कराई जा रही है। सर्वे में तय आगणन के अनुसार पाइप लाइन बनी तभी सर्वे बदली जाएगी।
हर गिरी, एसडीएम, बागेश्वर