बागेश्वर। 12 सूत्री मांगों को लेकर जिलेभर के ग्राम प्रधानों ने विकास भवन में तालाबंदी की। आक्रोशित प्रधानों के तेवर देखते हुए विकास भवन के कर्मचारी घरों को लौट गए। प्रधानों ने पूरे दिन धरना देकर प्रदेश सरकार से जल्द समस्याओं का निदान करने की मांग की। जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेश ऐठानी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान सोमवार की सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विकास भवन पहुंचे। करीब डेढ़ सौ ग्राम प्रधानों ने विकास भवन के मुख्य द्वार पर तालाबंदी की। इस दौरान कर्मचारियों से भी हल्की बहस हुई। प्रधानों के आगे कर्मचारियों की एक न चली। ग्राम प्रधानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर ग्राम पंचायतों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि पंचायतों पर जबरन नियम थोपे जा रहे हैं और बजट में कटौती की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि मांगों को लेकर सात से 10 जुलाई तक सभी विकास खंडों में ग्राम प्रधानों ने धरना दिया लेकिन उनकी मांगों की सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर प्रधान विकास भवन का घेराव कर रहे हैं। कहा कि समस्याओं का निदान नहीं होने पर प्रदेश संगठन के निर्देशानुसार आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार टम्टा, केदार महर, महामंत्री ललित मोहन सिंह परिहार, संरक्षक प्रकाश कोहली, धीरज जोशी, हेमा पंत, मंजू थापा, तारा देवली, दरवान कपकोटी आदि मौजूद थे।
ग्राम प्रधानों की मांग
ग्राम पंचायतों में खोले गए कॉमन सर्विस सेंटरों को प्रति माह 2500 रुपये देने के आदेश को वापस लेने, 15वें वित्त में हो रही कटौती पर रोक लगाने, 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू करने, ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार करने, 5000 रुपये पेंशन देने, मनरेगा के कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 करने, ग्राम पंचायतों में जेई और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति करने, ग्राम विकास और पंचायती विभाग का पूर्व की तरह एकीकरण करने, प्रति वर्ष पांच लाख रुपया पंचायत निधि की व्यवस्था करने, पंचायतों को आपदा मद से प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये देने, विकास कार्यों के लिए खुली बैठक के प्रस्ताव को अनिवार्य करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को जल्द राशि देने और कोरोना को देखते हुए ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने की मांग को लेकर ग्राम प्रधान आंदोलित हैं।
प्रधानों का आंदोलन जारी
गरुड़ (बागेश्वर) । ग्राम प्रधान संगठन की ब्लॉक इकाई ने बारह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन प्रधानों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। प्रधानों ने मांगें पूरी होने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। ग्राम प्रधान संगठन के जिला संरक्षक प्रकाश कोहली और संगठन के ब्लॉक संरक्षक रवि शंकर बिष्ट का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रधानों ने विकास भवन में कूच कर डीपीआरओ और सीडीओ कार्यालय में की तालाबंदी
अल्मोड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को ग्राम प्रधानों ने विकास भवन में जमकर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान गुस्साए प्रधानों ने डीपीआरओ और सीडीओ कार्यालय में तालाबंदी कर दी। पूरा दिन धरने पर बैठे कार्मिकों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली।
प्रधानों को दस हजार रुपये मानदेय और पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने, वित्त के मद में की गई कटौती को बंद करने, मनरेगा के तहत 100 दिनों की जगह 200 दिनों का रोजगार देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान संगठनों ने सोमवार को विकास भवन कूच किया। प्रधानों ने कहा कि वह लंबे समय से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कहा कि वह ग्रामीण विकास की अनदेेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र गैलाकोटी ने कहा कि ग्रामीणों के प्राथमिकताओं में जीतने वाली सरकार प्रधानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। 12 सूत्री मांगों के निवारण को लेकर बीते एक जुलाई से ब्लॉक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन और तालाबंदी करने के बावजूद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस दौरान अब विकास भवन पहुंच प्रधानों ने डीपीआरओ और सीडीओ कार्यालय में तालाबंदी की। पूरा दिन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष गैलाकोटी समेत देव सिंह भोजक, मोहन सिंह, पर्मिला देवी, दीपक नेगी, प्रताप सिंह गैड़ा, विनोद कनवाल आदि मौजूद रहे।