बागेश्वर। विवाह समारोहों में भी राजनीति का रंग चढने लगा है। विधायक, पूर्व विधायक, संभावित प्रत्याशी बरातों के निमंत्रण को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये सभी समारोहों में शामिल हो रहे हैं। कई मौकों पर तो इन्हें ठुमके लगाते हुए भी देखा जा सकता है।
ऐन चुनाव से पहले बरातों का सीजन नेताओं खासकर विधायकी के दावेदारों के लिए जनसंपर्क का अच्छा माध्यम बन गया है। वर्तमान विधायकों के साथ ही पूर्व विधायक, पिछले चुनाव में पराजित प्रत्याशी और टिकट के नए दावेदार एक दिन में कई बरातें निपटा रहे हैं। लोगों तक पहुंच रहे हैं। दूल्हा-दुल्हन पक्ष के लोगों ने दबाव डाला तो नेताजी ठुमके लगाने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।
आमतौर पर समय की कमी का हवाला देने वाले नेताजी इन बरातों में अच्छा-खासा समय व्यतीत कर रहे हैं। यदि दूल्हा, दुल्हन पक्ष के लोग स्थानीय हैं तो दोनों पक्षों से एक साथ मिल रहे हैं।
विवाह समारोह में जाने की एक और बात विधायकी के दावेदारों के लिए सकून देने वाली है, कि वहां कोई सवाल-जवाब भी नहीं करता। क्योंकि विधायकी दावेदार किसी न किसी पक्ष के बतौर मेहमान समारोहों में पहुंच रहे हैं। विवाह समारोह नेताओं के लिए जनसंपर्क का अच्छा माध्यम बने हुए हैं।