बागेश्वर। बदलते मौसम के बीच बच्चे निमोनिया की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे बच्चों में निमोनिया की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है। निमोनिया के चलते दो बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
कोरोना के बीच बच्चों में हो रहे निमोनिया ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। एक माह के भीतर बागेश्वर में नौ बच्चों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। निमोनिया और कोरोना बच्चों के लिए खतरे का कारण बने हुए है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता बच्चों को लेकर सावधानी बरतें।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह मेर ने बताया कि बदलते मौसम के बीच बच्चों में निमोनिया की शिकायत ज्यादा आ रही है। निमोनिया के चलते दो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के बीच बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। समय पर उपचार न मिलने से निमोनिया जानलेवा भी साबित हो सकता है।
बच्चों में निमोनिया के लक्षण
बुखार के साथ पसीना कंपकंपी, खांसी, बलगम की शिकायत, भूख कम लगना, तेज-तेज और कम गहरी सांस लेना, सांस फूलना, सांस लेने में मोटी सीटी जैसी आवाज आना, होंठ और अंगुलियों के नाखून नीले पड़ना आदि निमोनिया के लक्षण हैं।
बच्चों को निमोनियां से ऐसे बचाएं
निमोनियां का टीका अवश्य लगवाएं, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें, शिशुओं का ठंड से बचाव करें, धुआं रहित वातावरण में बच्चों को रखें, भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, बच्चों के पोषण का खास ख्याल रखें, स्वच्छता बनाए रखें, बच्चे को छूने से पहले हाथों को सैनिटाइज करें या अच्छी प्रकार धो लें।