कपकोट पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारिवारिक गुरु का स्वागत करते लोग। विज्ञप्ति
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कपकोट (बागेश्वर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारिवारिक गुरु महामंडलेश्वर अभिरामदास त्यागी रविवार को भद्रतुुंगा पहुंचे। वे करीब 10 दिन तक सरयू नदी के उद्गमस्थल, सरमूल, भद्रतुंगा और सहस्त्रधारा में ठहरेंगे। इस दौरान वह मां सरयू और भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर साधना करेंगे।
महामंडलेश्वर त्यागी को सरमूल और भद्रतुंगा में आकर आध्यात्मिक शांति मिलती है। इससे पूर्व पिछले वर्ष मई-जून में उन्होंने भद्रतुंगा में साधना की थी। सरमूल को विश्व मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए कार्य रही सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति के सलाहकार दयाल सिंह कुमल्टा सहित अन्य भक्तों ने कपकोट पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी के पारिवारिक गुरु का भव्य स्वागत किया। कुछ देर ठहरने के बाद वह सीधे भद्रतुंगा के लिए रवाना हो गए। सलाहकार कुमल्टा ने बताया कि महामंडलेश्वर त्यागी रुद्रप्रयाग से होकर यहां पहुंचे हैं। उनके साथ देश के विभिन्न प्रांतों के भक्तजन भी आए हैं। महामंडलेश्वर त्यागी करीब 10 दिनों तक यहां रुक सकते हैं, हालांकि उन्होंने अपने ठहरने के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी है। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तजन और साधु-संतों के भद्रतुंगा और सरमूल आने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि धीरे-धीरे भद्रतुंगा और सरमूल पर्यटन के क्षेत्र में पहचान बना रहा है। हर साल देश-विदेश के लोग यहां घूमने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने आने लगे हैं। पावन सरयू नदी का उद्गम स्थल सरमूल, सहस्त्रधारा कपकोट के दूरस्थ गांव झूनी से आगे पड़ता है। सरमूल जाने के लिए बागेश्वर से पतियासार तक पक्की सड़क है। पतियासार से भद्रतुंगा तक पांच किमी कच्ची सड़क बनी है। वहां से सात किमी की पैदल दूरी पर सहस्त्रधारा है। सरमूल की एक पहाड़ी से जल सौ धाराओं में विभक्त होकर नीचे गिरता है, जहां जलधारा गिरती है, उस स्थान को सहस्त्रधारा कहा जाता है। सहस्त्रधारा में सरयू माता सहित अन्य देवी देवताओं के मंदिर बने हैं। वहीं भद्रतुंगा में भगवान शिव का मंदिर स्थित है।