जिले के समीपवर्ती गांव द्यांगण और अड़ोली में तेंदुए का भय भी लोगों को सता रहा
बागेश्वर। जिले के समीपवर्ती गांव द्यांगण और अड़ोली में जंगली सुअरों ने ग्रामीणों का जीना दूभर किया है। जंगली सुअरों ने गेहूं की फसल बुरी तरह से रौंद दी है। इलाके में तेंदुए की दस्तक से भी लोगों में खौफ है।
जंगली सुअर काश्तकार की महीनों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। फसलों को बचाने के लिए ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। वहीं, कुछ लोग रात को कनस्तर बजाकर सुअरों को भगा रहे हैं। सुअरों के कारण द्यांगण, अड़ौली के साथ ही बहुली, खोली में भी जंगली सुअरों का आतंक बना हुआ है। इससे इलाके के करीब एक हजार परिवार प्रभावित हो गए हैं।
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फसल बचाने के लिए लोग रातभर पहरा दे रहे हैं। फिर भी जंगली सुअर फसल को नष्ट कर देते हैं। -दीपा पांडेय, निवासी अड़ौली
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इस बार जंगली सुअरों के कारण एक महीने का अनाज जुटा पाना भी मुश्किल लग रहा है। -बीना रावल, निवासी अड़ौली
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जंगली सुअरों के कारण खेती तो नष्ट हो ही रही है, ग्रामीणों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है। -सुनीता रावल, निवासी अड़ौली
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वन विभाग शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। घटना होने के बाद ही जंगली सुअरों और तेंदुए से निजात दिलाया जाएगा। कई बार वन विभाग को सूचना दे चुके हैं। कोई सुध लेने की तैयार नहीं है।
पूरन सिंह रावल, जिलाध्यक्ष वन पंचायत सरपंच संगठन बागेश्वर
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तेंदुए की सक्रियता की जांच की जाएगी। जंगली सुअरों को मारने के लिए यदि गांव से कोई हथियार लाइसेंसधारी आवेदन करें तो सुअरों को मारने की अनुमति वन विभाग देता है। -श्याम सिंह करायत, वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर