बागेश्वर। मानसून काल आते ही कपकोट तहसील क्षेत्र में बिजली का संकट है। इस बार भी हालात बदले नहीं हैं। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की बिजली आठ घंटे गुल रहने से लोगों को परेशानी हुई।
सुबह साढ़े पांच बजे नगर पंचायत समेत सरयू घाटी, रेवती घाटी, फरसाली पट्टी समेत 50 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। दोपहर तक बिजली नहीं आने से ऑनलाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। रोजमर्रा के काम पर भी असर पड़ा। पूर्व सभासद तनुज तिरुवा ने बताया कि मानसून के दौरान बिजली संकट अधिक है।
दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र के जारती, पपोली किड़ई, पचार समेत 15 गांवों में भी चार घंटे तक बिजली गुल रही। यूपीसीएल के एसडीओ एसएस भंडारी ने बताया कि कपकोट की बिजली लाइन में देवलचौंरा के पास पेड़ गिरने से तार टूट गए थे। जारती गांव में भी तार टूटने से दुगनाकुरी के कुछ गांवों की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों ने टूटे तार जोड़कर दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल करा दी है।
रात भर गुल रही तीन गांवों की बिजली
गरुड़। तहसील क्षेत्र के घेटी, भिलकोट, स्यालीस्टेट में पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली गुल होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण मनोज साह, हरीश रावत, दीपक कुमार, कृष्ण सिंह, हरीश किरौला ने बताया कि सुबह तक बिजली नहीं आने से लोगों के कामकाज पर असर पड़ा। जेई राजेंद्र बोरा ने बताया कि लाइन में फॉल्ट आने से आपूर्ति बाधित हो गई थी जिसे दुरुस्त कर बिजली सुचारु करा दी गई।
नगर में पूरे दिन रही बिजली की आंखमिचौली
बागेश्वर। नगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भी दिन भर बिजली की आंखमिचौली चलती रही। सुबह से तहसील मार्ग की बिजली गुल थी। दोपहर बाद से शाम तक कई बार बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीओ आनंद खोलिया ने बताया कि सुबह तहसील रोड पर एक तार जलने से बिजली गुल हो गई थी। बाद में उसे ठीक करा दिया गया था। दोपहर बाद पावर हाउस के समीप का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था जिसे ठीक करने के दौरान बिजली काटी थी। शाम तक आपूर्ति सुचारू करा दी थी। संवाद