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राशि अवमुक्त होने के बावजूद राइंका वज्यूला के भवन का शुरु नहीं हुआ निर्माण

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बागेश्वर के राजकीय इंटर कॉलेज का भवन। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। पदम सिंह परिहार राजकीय इंटर कॉलेज वज्यूला के नए भवन के निर्माण को राशि स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। विद्यालय आज भी 1945 में बने भवन में संचालित हो रहा है। जर्जर कमरों में पठन-पाठन करने में छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना रहता है।
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राइंका वज्यूला की स्थापना जूनियर हाईस्कूल के रूप में हुई थी। वर्ष 1962 में विद्यालय को हाईस्कूल और 1967 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। वर्तमान में विद्यालय की छात्र संख्या 437 है। विद्यालय में शिक्षण, कार्यालय, स्टाफ और अन्य कामकाज 12 कमरों में चल रहा है।
हालांकि सभी कमरे पुराने और जर्जर हैं। बारिश के दौरान अधिकांश कमरों में पानी टपकने लगता है। कमरों की दीवारों पर भी दरारें हैं। जिसके कारण मानसून और अन्य आपदा काल में भवन के गिरने की आशंका बनी रहती है।
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विद्यालय में नए भवन के निर्माण के लिए शासन से 3.06 करोड़ की राशि स्वीकृत है। जिसके सापेक्ष 82.61 लाख की राशि कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम रानीखेत को अवमुक्त की जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
पूर्व में बच चुका है हादसा
बागेश्वर। राइंका वज्यूला के जर्जर भवन से पूर्व में बड़ा हादसा बचा था। वर्ष 2019 में विद्यालय के बरामदे की एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से एक टिन आकर नीचे गिर गया था। हादसे में विद्यालीय के कर्मचारी और एक पीटीआई बालबाल बचे थे। उस हादसे के बाद विद्यालय के बच्चे भी काफी डर गए, और अभिभावकों ने नए भवन का जल्द निर्माण करने की मांग तेज कर दी।
भवन निर्माण जमीन भी दे चुका है विद्यालय
बागेश्वर। राइंका वज्यूला के प्रधानाचार्य आरके मिश्रा ने बताया कि विद्यालय के पुराने हैरिटेज भवन को यथावत रखते हुए नए भवन के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को विद्यालय के पास दूसरी जमीन दी जा चुकी है। कार्यदायी संस्था की ओर से निविदा नहीं लगने की बात की जा रही है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में नए कार्य के नाम पर भौतिक विज्ञान की लैब और आर्ट क्राफ्ट लाइब्रेरी का ही निर्माण हुआ है। वर्तमान में विद्यालय को भवन की सख्त दरकार है।
राइंका वज्यूला के निर्माण के लिए वर्ष 2016 के अनुसार बजट का आंकलन हुआ है। दो बार निविदाएं निकाली जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर नहीं डाल रहा है। एक बार फिर से निविदा आमंत्रित की गई है। अगर इस बार भी टेंडर नहीं पड़ा तो अवमुक्त राशि विभाग को वापस करा दी जाएगी।
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हरीश प्रकाश, अधिशासी अभियंता, पेयजल निर्माण निगम रानीखेत
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