कांडा (बागेश्वर)। क्षेत्र की करीब 60 हजार आबादी की स्वास्थ्य देखभाल के लिए कांडा में खोले गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के सारे पद खाली हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी कांडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पांच पद सृजित हैं। अस्पताल में सर्जन, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, मेडिसिन विशेषज्ञ होना चाहिए, लेकिन एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से विकासखंड के सैकड़ों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के लोगों को 25 से 50 किमी दूर जिला मुख्यालय या अल्मोड़ा के अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। इलाके के लोग लंबे समय से अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के खाली पदों पर तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक कांडा सीएचसी को नहीं मिल सके। इससे क्षेत्र के लोग खिन्न हैं।
अस्पताल में सर्जन और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को खासकर दिक्कत उठानी पड़ती है। अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। - जानकी साह, कांडा पड़ाव।
अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। तभी अस्पताल का लाभ इलाके के लोगों को मिलेगा। उनके समय और धन दोनों की बचत होगी। - गोपाल दत्त भट्ट, पालीबग्याली कांडा।
सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए प्रयास न होना चिंता का विषय है। नई सरकार और नए जनप्रतिनिधि को इस दिशा में काम करना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधा सुलभ होनी चाहिए। - महेश चंद्र पांडेय, अन्नपूर्णा कांडा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के सभी पद खाली हैं। इन रिक्तियों के सापेक्ष नियुक्ति का प्रस्ताव लगातार उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
- डॉ. वरुण भारद्वाज, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी कांडा।