बागेश्वर। आखिरकार बहु प्रतीक्षित मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना के मुख्य टैंक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मामला वन अधिनियम के तहत लंबित होने के कारण पिछले दो साल से मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना के मुख्य टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा था।
नगर की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए शासन ने वर्ष 2019-20 में 11.21 करोड़ लागत की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना मंजूर की। वर्ष 2020 में योजना का काम शुरू हो गया था। वर्ष 2021 में योजना का अधिकांश कार्य पूरा हो गया था। योजना का काम मार्च 2022 तक पूरा होना था। मुख्य टैंक के लिए चयनित जमीन वन भूमि में होने के कारण मुख्य टैंक नहीं बन पाया। वन भूमि निस्तारण के लिए प्रस्ताव भारत सरकार के नोडल को भेजा गया, लेकिन जमीन वन अधिनियम से मुक्त नहीं हुई।
इस वर्ष की शुरुआत में पेयजल निगम ने योजना के पंप हाउस के पास सात नाली निजी जमीन मुख्य टैंक निर्माण के लिए खरीदी। इन दिनों मुख्य टैंक निर्माण के लिए जमीन समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। योजना के वितरण टैंक का भी निर्माण होना है। पेयजल निर्माण निगम के ईई वीके रवि का कहना है कि छह महीने के भीतर योजना के मुख्य टैंक और वितरण टैंक का कार्य पूरा कर योजना जनता को समर्पित की जाएगी।
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योजना बनने के बाद दूर होगा नगर का पेयजल संकट
बागेश्वर। करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को रोज 5.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। विभिन्न योजनाओं से मात्र तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बनने के बाद नगर की वर्तमान जरूरत पूरी हो जाएगी।