बागेश्वर नगर के बीचोंबीच स्थित श्रम विभाग कार्यालय में शुक्रवार को दफ्तर खुलने से पहले तेंदुआ घुस गया था। ऑफिस में तेंदुआ और बाहर सफाई कर्मचारी और अन्य लोगों में दहशत थी। वन विभाग की टीम भी पिंजरा और जाल लेकर पहुंची लेकिन इन सभी इंतजाम को धता बताते हुए लेपर्ड पिछले दरवाजे से झाड़ियों के बीच से नदी के रास्ते भाग गया।
शुक्रवार की सुबह श्रम विभाग की सफाई के लिए कर्मचारी ने कार्यालय खोला। इसी दौरान भवन की गैलरी में दुबक कर बैठा तेंदुआ तेजी से कमरे के भीतर घुस गया। कर्मचारी ने समझदारी दिखाते हुए बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। कर्मचारी ने आसपास के लोगों को तेंदुआ दिखने की जानकारी दी और वन विभाग को भी सूचित किया। वन विभाग के कर्मचारी पिंजरा और जाल लेकर पहुंचे। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ भी वहां जमा हो गई। कार्यालय के दरवाजे को काटकर पिंजरा लगाने की जगह बनाई गई। पिंजरा लगाने के बावजूद जब काफी देर तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा तो कर्मचारी ने भीतर देखा। कमरे में तेंदुआ नहीं था। वह दरवाजे को धकेलकर कमरे से बाहर निकल गया। भवन में कोचिंग चलाने वाले पंकज कांडपाल का कहना है कि सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं होने से लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।
कर्मचारी ने पीछे के दरवाजे की चिटकनी खोली थी, तेंदुआ दरवाजे को धकेलकर कमरे से बाहर निकल गया होगा। भवन में लगे सीसीटीवी में तेंदुए की मौजूदगी कैद हुई है।- पीआर शैल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी।
कोट- श्रम विभाग के कार्यालय के पीछे का दरवाजा खुला होने से तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका। कार्यालय भवन के पीछे की तरफ बनी झाड़ियां होने से तेंदुआ आसानी से छिप सकता है। विभाग लोगों को लगातार अपने आसपास उगी झाड़ियों को साफ करने की अपील कर रहा है। नगर और जौलकांडे में लोगों को जागरूक करने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी। -श्याम सिंह करायत, रेंजर बागेश्वर
जौलकांडे में एक साथ देखे गए चार तेंदुए
जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव जौलकांडे में सुबह की सैर पर गए व्यापारी ने एक साथ चार तेंदुओं को घूमते देखा है। व्यापारी संजय वर्मा ने बताया कि वे जब सैर पर निकले तो पूरी तरह से उजाला नहीं हुआ था। गांव से करीब एक किमी पहले उन्हें एक तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ दिखाई दिया। यह मुझसे करीब 12-15 फुट की दूरी पर था। अचानक वन्यजीव को देखकर सकपका गए और पहाड़ी की आड़ ले ली। उन्हें तीन और तेंदुए आसपास घूमते दिखे। करीब 20 मिनट तक उन्होंने तेंदुए के जाने का इंतजार किया। वह रोजाना अकेले ही सैर पर जाते हैं। पूर्व ग्राम प्रधान दर्वान सिंह बिष्ट ने बताया कि जौलकांडे से रोजाना सुबह दूध बेचने के लिए ग्रामीण और स्कूल जाने वाले विद्यार्थी जिला मुख्यालय आते हैं। विभाग को उनकी सुरक्षा को देखते हुए यहां पिंजरा लगाना चाहिए और गश्त बढ़ानी चाहिए।