बागेश्वर में निर्माणाधीन काल भैरव मंदिर। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। बागनाथ मंदिर सौंदर्यीकरण और काल भैरव मंदिर का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। इस महीने के अंत तक निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। योजना के अनुरूप कार्य हुआ तो वर्ष के अंतिम महीने में श्रद्धालुओं को मंदिर का नया और भव्य रूप देखने को मिलेगा।
जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल बागनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य एक करोड़ 30 लाख 76 हजार रुपये की लागत से शुरू हुआ था। जिस राशि के प्रयोग से मंदिर में ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए संग्रहालय, श्रद्धालुओं के ठहरने और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए धर्मशाला का निर्माण, बागनाथ मंदिर का बिजोरा (छज्जा) बदलना और काल भैरव मंदिर का नव निर्माण शामिल था।
मंदिर को आकर्षक बनाने के लिए कार्यदायी संस्था ने बदियाकोट और कटारमल के पत्थरों को लगाने का निर्णय लिया और अतिरिक्त बजट की मांग की। जिसके बाद करीब साढ़े 26 लाख की राशि का प्रबंध किया गया। इन दिनों मंदिर का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। काल भैरव मंदिर को नया स्वरूप दिया जा रहा है। मंदिर परिसर को भी आकर्षक बनाया जा रहा है।
पुल का निर्माण भी अंतिम चरण में
बागेश्वर। सरयू नदी पर बागनाथ मंदिर से नुमाइशखेत के लिए बन रहे स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंदिर की ओर से पुल के एप्रोच का निर्माण किया जाना है। तीन करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण पूरा होने के बाद उत्तरायणी मेले के दौरान सरयू नदी में अस्थायी पुल निर्माण की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों को चौक बाजार से नुमाइशखेत जाने के लिए अधिक दूरी भी तय नहीं करनी पड़ेगी।
बागनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के लिए 30 नवंबर की सीमा निर्धारित की गई है। वहीं पुल के निर्माण में भी 15 से 20 दिन का समय लगेगा। दिसंबर में मंदिर का सौंदर्यीकरण और पुल का निर्माण कार्य हरहाल में पूरा करा लिया जाएगा।
- चंदन राम दास, विधायक बागेश्वर।