बारिश से गरुड़ गंगा उफान पर। संवाद
बागेश्वर। हिमालयी क्षेत्र से सटे इलाकों में शनिवार को बारिश हुई। वहीं निचले इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। शाम को जिले के कर्मी, बदियाकोट, सोराग, धूर, वाछम आदि क्षेत्रों में काफी देर तक तेज बारिश हुई। निचले इलाकों में सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। लगातार बारिश होने से इस बार अप्रैल माह के अंत में भी गर्मी का अहसास नहीं हुआ है। गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग विभाग ने एक मई तक बारिश, बर्फबारी होने की संभावना जताई है। संवाद
बारिश और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ी
अल्मोड़ा/गरुड़ (बागेश्वर)। जिले में मौसम ने फिर करवट बदली। शनिवार को दोपहर बाद बारिश हुई जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश से ठंड बढ़ गई है। शनिवार को जिले में सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। देर शाम तक रुक-रुककर बारिश जारी रही। बारिश से बचने के लिए लोगों को छाते का सहारा लेना पड़ा। वहीं बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिले का न्यूनतम तापमान 13 और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इधर गरुड़ तहसील क्षेत्र में दोपहर बाद तीन घंटे तक ओलावृष्टि के बीच झमाझम बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से जहां खेतों में लगी गेहूं की फसल गिर गई है वहीं स्थानीय नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कौसानी, गरुड़, बैजनाथ, ग्वालदम, गागरीगोल, लाहुर और गोमती घाटी में दोपहर बाद ओलावृष्टि के बीच झमाझम बारिश हुई। बारिश से बैजनाथ और टीट बाजार में कुछ दुकानों में पानी भर गया। जखेड़ा के पूर्व प्रधान ईश्वर परिहार ने बताया कि बारिश से लाहुर घाटी में गेहूं की फसल को क्षति पहुंची है।
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इनसेट
हनुमान मंदिर परिसर में गिरी पेड़ की विशाल टहनियां
बागेश्वर। तेज हवा के दौरान जिला मुख्यालय के विकास भवन रोड स्थित हनुमान मंदिर के प्रांगण में पीपल की बड़ी-बड़ी टहनियां गिर गईं। हालांकि टहनियों से मंदिर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। सूचना पर प्रभारी जिला अग्निशमन अधिकारी गोपाल सिंह रावत दमकल विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने गिरी टहनियों के साथ ही खतरा बनी टहनियों को काटकर मंदिर परिसर से हटाया। तहसीलदार दीपिका आर्या ने भी मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। संवाद