बागेश्वर के पाटली (देवलधार) में शुक्रवार की रात तेंदुआ मुर्गीबाड़े में घुस गया। जो सुबह तक बाहर नहीं आ पाया। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद किया।
बागेश्वर। जिले के पाटली (देवलधार) में शुक्रवार की रात तेंदुआ मुर्गीबाड़े में घुस गया। जो सुबह तक बाहर नहीं आ पाया। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद किया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात किसी समय तेंदुआ पाटली निवासी महावीर कुमार के मुर्गीबाड़े में घुस गया और बाहर नहीं आ पाया। सुबह तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनकर महावीर कुमार और परिजन बाहर निकले। तेंदुआ मुर्गीबाड़े से गुर्रा रहा था। तेंदुए को मुर्गीबाड़े में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तेंदुआ जाली को उखाड़कर मुर्गीबाड़े में घुसा था। महावीर कुमार और अन्य लोगों ने मुर्गीबाड़े के उस हिस्से को लकड़ी आदि से बंद कर दिया। वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। पिंजरे में मुर्गी के छोटे चूजे थे। करीब 10-12 चूजे तेंदुए ने मार दिए थे। मुर्गीबाड़े में तेंदुआ घुसने की जानकारी मिलने पर इलाके के लोगों का हुजूम मौके पर जमा हो गया।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम पिंजरे के साथ मौके पर पहुंची। टीम में पशु चिकित्सक कमल तिवाड़ी भी शामिल थे। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद किया जा सका। वन विभाग की टीम तेंदुए को रेंज कार्यालय बागेश्वर ले आई।
रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि तेंदुआ मादा है। उसकी उम्र करीब चार साल है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ स्वस्थ है। तेंदुए को फिलहाल रेंज कार्यालय में रखा गया है। उसे प्राकृतिक वास (जंगल) में छोड़ा जाएगा।