सागेश्वर में सरयू नदी ने अवैध तरीके से खनन करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। अवैध खनन को रोककर राजस्व का नुकसान रोकने की जिम्मेदारी प्रशासन और राजस्व विभाग पर है लेकिन इस जिले में ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है। जिला मुख्यालय में राजस्व विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे सरयू नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। सुबह से देर शाम तक अवैध खनन का धंधा चलता रहता है। कोई रोकने वाला नहीं है।
सरयू में लंबे समय से अवैध खनन का धंधा चल रहा है। मजदूरों का झुंड सुबह से शाम तक सरयू नदी से रेत निकालते हैं। कई महिला और पुरुष हर समय नदी से रेत निकालते दिख जाएंगे। रेत निकालने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं। सरयू नदी में जलस्तर बढ़ा तो यह गड्ढे पानी से भर जाएंगे। इन गड्ढों में सरयू स्नान और शवदाह के लिए आने वाले लोगों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि अभी नदी तटों पर पानी नहीं है। बारिश होने पर नदी तट तक पानी भर जाता है।
खनन एक्ट में पुलिस के पास अधिकार नहीं है। अवैध खनन परिवहन करने पर लगातार कार्रवाई की जाती है। फिर भी वह कोतवाली पुलिस को इस संबंध में निर्देशित कर रहे हैं।
अमित श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक बागेश्वर
सरयू नदी में नेपाली मजदूर अवैध खनन कर रहे हैं। हाल में छापा भी मारा था मजदूर भाग गए थे। औचक छापा मारकर औजार जब्त किए जाएंगे। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हर गिरी एसडीएम बागेश्वर