इंटरनेशनल यूथ आइकॉन अवॉर्ड विजेता भूपेंद्र कोरंगा अपनी मां के साथ। विज्ञप्ति
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कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ गांव लीती के युवा समाजसेवी भूपेंद्र कोरंगा को वंडर अमेजिंग क्रिएटिव (डब्ल्यूएसी) बुक ऑफ रिकॉर्ड ने इंटरनेशनल यूथ आइकॉन अवॉर्ड प्रदान किया है। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। कोरंगा ने अवॉर्ड का श्रेय अपनी माता देवकी देवी को देते हुए सम्मान उन्हें समर्पित किया है।
भूपेंद्र कोरंगा क्षेत्र के कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ जरूरतमंदों की सेवा करते हैं। विभिन्न संगठनों से जुड़कर वह समाज हित के कार्य करते हैं। कोरोना काल में उन्होंने कुमाऊं के प्रत्येक जिले में जाकर जरूरतमंदों को राशन, दवा आदि उपलब्ध कराने में सहयोग किया था। बिचला दानपुर में संचार सेवा की शुरु कराने की मांग को लेकर वह पूर्व में तीन दिनों तक नंगे पैर कीमू से कपकोट तक करीब 50 किमी की पदयात्रा की थी। कोरंगा ने बताया कि उन्हें सम्मान लेने के लिए पुणे जाना था, लेकिन वह निजी कारणों के चलते समारोह में शिरकत नहीं कर पाए।