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एक रात में 10 स्थानों पर जले जंगल, 14 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा खाक

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अल्मोड़ा सोमेश्वर के जंगलों में लगी आग - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। रविवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर जंगल आग में जलते रहे। देर शाम तक जंगलों में आग भड़की हुई है। दूसरी तरफ सोमेश्वर के बिरोली में आग लगने से दो हेक्टेयर जंगल जल गया। जंगलों की आग से अब तक कुल 490 हेक्टयेयर जंगल जल चुके हैं।
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रविवार को रानीखेत, सोमेश्वर, एचएम के समीप, लमगड़ा, ब्राइटकॉर्नर आदि स्थानों पर आग की घटनाएं हुई। आग की घटनाओं से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं जंगलों की आग से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वातावरण में धुंध छाई है वहीं आंखों की जलन, दमा रोग से संबंधित मरीजों की परेशानियां बढ़ी हैं। अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत अब तक आग की 155 घटनाओं में 342 जंगल जले है। जबकि सिविल सोयम अल्मोड़ा में आग की 59 घटनाएं हुई और 131 हेक्टयर जंगल जले हैं। रानीखेत सिविल सोयम में जंगलों की आग की 13 घटनाएं हुई, जिसमें 17 हेक्टेयर जंगल जले है। तीनों वन प्रभाग में अब तक आग की कुल 227 घटनाएं हुई, जिसमें 490 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। इधर सोमेश्वर तहसील के अंतर्गत सोमेश्वर रेंज के अंतर्गत कंपार्टमेंट नंबर 18, 19 के बिरोली में आग भड़की है। आग से दो हेक्टेयर वन क्षेत्र जल कर राख हो गया है। जंगल की आग में चीड़, बांज, काफल, उतीस के पेड़ जल गए हैं। साथ ही जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास भी नष्ट हो गए हैं। जंगल में आग लगने की मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी और मेरा गांव, मेरा जंगल समिति के लोग आग बुझाने मौके पर पहुंचे। काफी मशकत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सकता है। आग बुझाने वालों में वन दरोगा हरीश चंद्र, गोविंद बोरा, दिनेश जोशी, समिति के तारा बोरा, नरेंद्र बोरा आदि शामिल हैं।
एक रात में बागेश्वर के 10 स्थानों पर जले जंगल
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की घटनाएं तेज होने लगी हैं। शनिवार की रात जिले के विभिन्न स्थानों में वनाग्नि की 10 घटनाएं हुई। आग से 14 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा जल गई। फायर सीजन शुरू होने के बाद से जिले में वनाग्नि की 102 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 145.72 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है। वनाग्नि से 4.45 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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तापमान बढ़ने के साथ ही वनाग्नि की घटनाओं में एकाएक इजाफा होने लगा है। पूर्व में जहां एक दिन में चार से पांच स्थानों पर जंगल जल रहे थे, अब यह संख्या बढ़कर नौ से 10 तक पहुंच गई है। शनिवार की रात को धरमघर रेंज के जाखनी बीट और पुंगर घाटी में आग लगी। गरुड़ के लमचूला, गढ़खेत, बिलखेत और कुलाऊं क्षेत्र के जंगल भी धधके। जिला मुख्यालय के पौड़ीधार के समीप का जंगल भी आग की भेंट चढ़ गया। कपकोट के उतरौड़ा, जगथाना, हांप्टीकापड़ी क्षेत्रों के जंगल भी धधक रहे हैं। वनाग्नि का दायरा बढ़ने के साथ ही वन विभाग की परेशानियां भी बढ़ने लगी है। विभागीय कर्मचारियों के साथ 120 फायर वॉचर जंगलों की सुरक्षा में लगे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण भी आग बुझाने में मदद को आगे आ रहे हैं। बावजूद इसके विभाग जंगलों को आग से नहीं बचा पा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक आग फैलने लगी है। वनाग्नि के कारण जिला मुख्यालय सहित घाटी वाले इलाके धुंए की आगोश में हैं। धीरे-धीरे आग बीमारियों का कारण बनती जा रही है। आग से वन संपदा को रहे नुकसान से ग्रामीण क्षेत्र की जनता भी प्रभावित होने लगी है। कई क्षेत्रों में मवेशियों की चारा पत्ती जलकर नष्ट हो गई है। वन्य जीवों का रुख आबादी की ओर होने लगा है। जिसका असर ग्रामीण जनजीवन पर पड़ रहा है।
कोट
जंगलों के जलने की सूचना मिलते ही विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर आग को काबू कर रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीणों का सहयोग भी मिलने लगा है। हालांकि अब भी वनों को जलाने से कुछ अराजक तत्व बाज नहीं आ रहे हैं। जंगल जलाने वालों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
हिमांशु बागरी, डीएफओ बागेश्वर
आईआरटी के कई सदस्य रहे बैठक से नदारद
बागेश्वर। वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए सब डिवीजन स्तर पर गठित इंसीडेंट रिस्पांस टीम (आईआरटी) की बैठक से कई सदस्यों के नदारद रहने पर एसडीएम हर गिरि ने नाराजगी जताई। उन्होंने सदस्यों से प्रत्येक बैठक में मौजूद रहने को कहा। वनाग्नि नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। आईआरटी बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम ने वनाग्नि की सूचना मिलते ही कर्मचारियों को तत्काल भेजने को कहा। अगर किसी क्रू स्टेशन में आग की घटना नहीं है तो वहां तैनात कर्मचारियों को समीप के दूसरे क्रू स्टेशन में वनाग्नि काबू के लिए भेजने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों से फायर सीजन में वन विभाग का सहयोग करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित करने को कहा। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर बैठक कर ग्रामीणों और जन सामान्य को जागरूक करने को कहा। वन, राजस्व, पंचायत विभाग, ग्राम प्रहरी, जनप्रतिनिधियों और वन पंचायत सरपंचों को भी बैठक में शामिल कराने के निर्देेश दिए। वन दरोगा हयात राम ने बताया कि बागेश्वर क्षेत्र में सात क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। प्रत्येक में चार कार्मिक और मॉडल क्रू स्टेशन जौलकांडे में छह कार्मिक तैनात है। बैठक में जिला युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत, बीडीओ केडी जोशी, उद्यान निरीक्षक पीएस परिहार, एई डीसी पंत आदि थे। संवाद
बुढली में आग की चपेट में आई गोशाला, दो मवेशियों की मौत
रानीखेत/द्वाराहाट। क्षेत्र में आग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। द्वाराहाट के जालली में बढुली गांव में एक गोशाला अचानक आग की भेंट चढ़ गई। इसमें दम घुटने से दो मवेशियों की मौत हो गई। वहीं, ताड़ीखेत के जंगलों में बेतहाशा आग लगने का सिलसिला जारी है लेकिन वन विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। ताड़ीखेत के सौनी का जंगल दो दिन से आग से धधक रहा है
जालली क्षेत्र के उप राजस्व निरीक्षक इसरार अहमद ने बताया कि बढुली गांव निवासी आनंद सिंह की गोशाला में अचानक आग लग गई। आग से दो दुधारू पशुओं की झुलस कर मौत हो गई जबकि दो पशु झुलस कर गंभीर घायल हो गए। उनका उपचार किया जा रहा है। इधर ताड़ीखेत के सौनी का जंगल दो दिन से आग से धधक रहा है, लेकिन वहां बुझाने के लिए वन विभाग का कोई भी अधिकारी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इधर, वन क्षेत्राधिकारी हरीश टम्टा ने बताया कि सौनी के जंगल में आग लगी है, वन विभाग की टीम वहां आग बुझाने में लगी हुई है। 23 कर्मचारी जंगल की आग को काबू कर रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दो दिनों से आग लगी थी, लेकिन कर्मचारी कोई नहीं दिखा।

बागेश्वर के पौड़ीधार के जंगल में शनिवार की रात लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

कपकोट तहसील क्षेत्र के जंगल में लगी भीषण आग। विज्ञप्ति- फोटो : BAGESHWAR

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