अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। शनिवार को ही जिले में छह अलग-अलग स्थानों पर जंगलों में आग लग गई। वनाग्नि की इन घटनाओं से पांच हेक्टयर वन क्षेत्र में वन संपदा जली। अल्मोड़ा क्षेत्र के कालीमठ जंगल में करीब 17 घंटे तक जंगल दहकते रहे। सभी स्थानों पर वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाई।
शनिवार को अल्मोड़ा जिले में कसारदेवी जंगल, जौरासी जंगल, मोहान के जंगल, चौबटिया के जंगल अल्मोड़ा के कालीमठ और भिकियासैण के धूरा जंगल में आग लगी। वन विभाग के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग से पांच हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। मोहान के जंगल में दो घंटे, चौबटिया के जंगल में करीब आधे घंटे, जौरासी के जंगल में तीन घंटे और कालीमठ के जंगल में 17 घंटे तक आग लगी रही। इतने बड़े वन क्षेत्र में आग लगने से जहां भारी मात्रा में वन संपदा का नुकसान हुआ वहीं आग की धुंध से लोगों को परेशानी भी हुई। हवा भी धुएं से कुछ हद तक प्रदूषित हुई। कालीमठ जंगल के पास रहने वाले घरों तक आग की राख पहुंचने से उन्हें भी नुकसान पहुंचा। वन विभाग के फायर वॉचर और क्रू स्टेशन से पहुंचे वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
अराजक तत्वों ने छतीना के जंगल में लगाई आग
बागेश्वर। क्षेत्र में शुक्रवार की रात छतीना के जंगल को अराजक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। आग फैलती हुई नक्षत्र वाटिका के करीब तक जा पहुंची। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग को काबू किया और जंगल और नक्षत्र वाटिका को जलने से बचाया।
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद जिले के अधिकांश जंगलों की आग शांत हो गई थी लेकिन कुछ अराजक तत्वों ने जिला मुख्यालय से करीब आठ किमी दूरी पर बनी नक्षत्र वाटिका के समीप के जंगल को आग के हवाले कर दिया। हवा के तेज बहाव के कारण आग तेजी से फैलने लगी। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। विभागीय कर्मचारी मौके पर गए और आग बुझाने का प्रयास किया। करीब पौने घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
64 घटनाओं में 89.63 हेक्टेयर जंगल जला
बागेश्वर। जिले में फायर सीजन के बाद वनाग्नि की 64 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इन घटनाओं में 89.63 हेक्टेयर जंगल जल गया है। जिला मुख्यालय समेत गरुड़, धरमघर, कपकोट, काफलीगैर के जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। विभागीय कर्मचारी आग बुझाने के साथ जंगलों में गश्त करने की बात कर रहे हैं। बावजूद इसके वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में विभाग सफल नहीं हो रहा है।
छतीना के जंगल को जलाने वाले अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है। जिन लोगों पर आग लगाने का संदेह है, उनसे पूछताछ की जा रही है। आग लगाने वाले को पकड़ने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्याम सिंह करायत, रेंजर बागेश्वर
भिकियासैंण के धूरा जंगल में लगी आग।- फोटो : ALMORA
बागेश्वर के छतीना के जंगल में लगी आग को बुझाने का प्रयास करते वन विभाग के कर्मचारी। विज्ञप्ति- फोटो : BAGESHWAR